नागपुर में OYO के नाम और ट्रेडमार्क के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर प्रिज़्म ने 14 होटलों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। ओयो की कॉर्पोरेट पैरेंट कंपनी प्रिज़्म का आरोप है कि इन होटलों ने OYO के नाम, लोगो, डिजाइन और दूसरे ब्रांड एसेट्स का बिना अनुमति इस्तेमाल किया, जिससे ग्राहकों को इनका OYO से जुड़ा होने का भ्रम हो सकता है।

शिकायत में शामिल होटलों और उनके मालिकों में आनंद इन, हुडकेश्वर- खुशाल विठ्ठलराव वाडेकर; स्पॉट ऑन फकता तू आणि मी, हुडकेश्वर- चेतन मोतीराम चारदे; एसके हरी, हुडकेश्वर- प्रज्वल हरिचंद्र कांबले; एवाई इम्पीरियल और ओयो एयरपोर्ट इम्पीरियल, सोनेगाँव- अनिकेत प्रेमदास कुटरमारे; ओयो के2, वाड़ी- पवन खोब्रागड़े; चंद्रा इन, एमआईडीसी- सोनू मंडल; फ्लैगशिप द वे होटल, सीताबर्डी- सौरभ शादर यादव; कॉसरोड रूम्स, इमामवाड़ा- ऋषभ शरद नंदवंशी; ओ किंग्स इन, बेलतरोड़ी- मिथिलेश सोंटक्के; हाईवे इन, ओल्ड कामठी- अक्षय वाघमारे; कॉन्टिनेंटल इन, यशोधरा नगर- यश चाहंडे और गैलेक्सी स्टे इन, पांचपावली- ऋषिराज चौकसे शामिल हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और ट्रेड मार्क्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई 21 सितंबर, 2026 को OYO की ओर से नागपुर सिटी के पुलिस कमिश्नर को दी गई शिकायत के बाद हुई है।

शिकायत में कहा गया है कि कुछ होटल ऐसे हैं, जिनका OYO के साथ कभी व्यावसायिक संबंध नहीं रहा। वहीं, कुछ होटलों के साथ OYO का समझौता काफी पहले ही खत्म हो चुका है। इसके बावजूद इन होटलों पर OYO की ब्रांडिंग का इस्तेमाल जारी रहने की बात सामने आई।

प्रिज़्म ने कहा है कि वह अपने पार्टनर होटलों और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर गेस्ट वेरिफिकेशन, निगरानी, घटना की रिपोर्टिंग और समय पर कार्रवाई से जुड़े सिस्टम को मजबूत करने पर काम कर रही है। कंपनी के अनुसार, जहां उसके ब्रांड से जुड़ी प्रॉपर्टीज में लागू कानूनों या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियां सामने आती हैं, वहां जरूरी कार्रवाई की जाती है।

इस मामले पर प्रिज़्म के रीजनल हेड राजीव डोगरा ने कहा, “हमने मेहमानों और अपनी स्थानीय टीम के सदस्यों से मिली प्रतिक्रिया के बाद एफआईआर दर्ज कराई। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि हमारे ब्रांड के बिना अनुमति इस्तेमाल के मामलों पर कार्रवाई करना और मेहमानों को किसी भी तरह की गलत जानकारी से बचाना जरूरी है। नागपुर पुलिस के साथ हमारा लगातार सहयोग सुरक्षित और जिम्मेदार हॉस्पिटैलिटी माहौल बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। हम सुरक्षा से जुड़े अपने तरीकों को बेहतर बनाने, संभावित जोखिमों पर नजर रखने और जहां भी हमारे ब्रांड या हॉस्पिटैलिटी नेटवर्क का गलत इस्तेमाल होता है, वहां जरूरी कार्रवाई करने के लिए आगे भी काम करते रहेंगे।”

कंपनी के इन प्रयासों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग, प्रॉस्टिट्यूशन, संदिग्ध गेस्ट एक्टिविटी, फर्जी चेक-इन और होटल परिसर के दूसरे तरह के गलत इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों की पहचान करना और उन पर कार्रवाई करना शामिल है। प्रिज़्म संभावित जोखिमों की पहचान के लिए टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल करती है। इसके साथ ही, जरूरी कदम उठाने के लिए कंपनी होटल पार्टनर्स और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती है।

प्रिज़्म के अनुसार, यह कार्रवाई सुरक्षित हॉस्पिटैलिटी प्रैक्टिसेस को लेकर नागपुर पुलिस के साथ उसके लगातार सहयोग का हिस्सा है। अगस्त 2025 में OYO ने ऑपरेशन शक्ति के तहत नागपुर पुलिस के साथ होटल सेफ्टी को लेकर एक खास पहल में हिस्सा लिया था। इस पहल का उद्देश्य होटलों और लॉज में ह्यूमन ट्रैफिकिंग और दूसरी गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना था।

इस पहल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ 50 से ज्यादा होटल और OYO प्रॉपर्टी के मालिक और ऑपरेटर्स शामिल हुए थे। इसमें गेस्ट वेरिफिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग और होटलों व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग पर फोकस किया गया था।

इसके बाद नागपुर पुलिस ने होटल और दूसरे एकोमोडेशन प्रतिष्ठानों के लिए अपने ऑपरेटिंग रिक्वायरमेंट्स को और मजबूत किया। इनमें गेस्ट की पहचान की जांच, सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिकिंग व दूसरी गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने से जुड़े कदम शामिल हैं। अब OYO के नाम और ब्रांड एसेट्स के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर दर्ज शिकायतों और शुरू हुई जांच से होटल सुरक्षा, ब्रांड उपयोग और कानून के पालन से जुड़े इन प्रयासों पर फिर ध्यान केंद्रित हुआ है।