समुद्रपुर में गणपति बप्पा को भक्तिमय माहौल में विदाई, ‘अगले वर्ष जल्दी आना’ के जयघोष गूंजे
समुद्रपुर तालुका में दस दिनों तक चले गणेशोत्सव के बाद अनंत चतुर्दशी पर घरगुती और सार्वजनिक गणपति प्रतिमाओं का भक्तिमय विसर्जन किया गया।
तस्वीर में समुद्रपुर तालुका में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति बप्पा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान एकत्र ग्रामीण और परिवार के लोग नजर आ रहे हैं।
समुद्रपुर तालुका में घर-घर और गांव-गांव स्थापित गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का अनंत चतुर्दशी के अवसर पर बड़े उत्साह और भक्तिमय वातावरण में विसर्जन किया गया। इस दौरान भाविकों ने ‘गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया, अगले वर्ष जल्दी आना’ के जयघोष के साथ बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी।
तालुका में अनेक स्थानों पर घरगुती गणपति, जबकि कई गांवों में सार्वजनिक गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। दस दिनों तक गणेशोत्सव के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस अवधि में भजन, कीर्तन, प्रवचन और विभिन्न सामाजिक उपक्रमों का आयोजन किया गया।
दस दिनों के दौरान कई गांवों में ‘एक गांव, एक गणपति’ का उपक्रम भी चलाया गया। वहीं, अनेक गणपति भक्तों ने अपने घरों में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ बाप्पा को विराजमान किया था। दस दिनों तक विधि-विधान और भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करने के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन की प्रक्रिया शुरू हुई।
गांव के समीप स्थित नदी और तालाबों पर बड़ी संख्या में भाविक गणपति बप्पा की प्रतिमाएं लेकर पहुंचे। इस दौरान बड़े-बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और ‘गणपति बाप्पा मोरया, अगले वर्ष जल्दी आना’ का जयघोष करते हुए बप्पा को विसर्जन के साथ विदाई दी। दस दिनों तक चले गणेशोत्सव का समापन इसी भक्तिमय वातावरण में हुआ।