तस्वीर में म्हाडा आवास योजना के तहत कोन-पनवेल में घर का कब्जा लेते लाभार्थी परिवार के सदस्य।

मुंबई में गिरणी कामगारों के लिए आवंटित घरों का कब्जा नहीं लेने वाले 1,086 विजेताओं पर महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के मुंबई मंडल ने सख्त रुख अपनाया है। कोन-पनवेल में घरों की लॉटरी में सफल होने के बावजूद अब तक कब्जा नहीं लेने वाले लाभार्थियों को अंतिम अवसर दिया गया है। निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ संपर्क नहीं करने पर उनकी आवंटित सदनिका रद्द कर दी जाएगी और प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र आवेदकों को मौका देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

म्हाडा के मुंबई मंडल ने इन 1,086 विजेताओं को 26 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ संपर्क करने का निर्देश दिया है। इस अवधि में लाभार्थियों को घरों के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जरूरी कागजात प्रस्तुत करने होंगे। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में संपर्क नहीं करने वाले विजेताओं का आवंटन रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

कोन-पनवेल में गिरणी कामगारों के लिए निकाली गई आवासीय लॉटरी में सफल होने के बाद भी बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने अब तक अपने घरों का कब्जा नहीं लिया है। इसी लंबित प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए म्हाडा ने यह अंतिम अवसर दिया है। संबंधित विजेताओं की सूची भी प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है, ताकि वे अपना नाम और आवश्यक विवरण देख सकें।

म्हाडा के अनुसार, तय अवधि में संपर्क नहीं करने पर यह माना जाएगा कि संबंधित विजेता आवास योजना के तहत घर लेने में इच्छुक नहीं हैं। ऐसे मामलों में सदनिका का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित घरों को प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र लाभार्थियों के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इस फैसले से उन गिरणी कामगारों और उनके वारिसों के लिए आवंटित घरों की लंबित हस्तांतरण प्रक्रिया पर असर पड़ेगा, जिन्होंने लॉटरी में सफलता मिलने के बावजूद अब तक कब्जा नहीं लिया है। म्हाडा ने लाभार्थियों को 26 अक्टूबर से 3 नवंबर तक का समय देकर स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समयसीमा में दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवंटन रद्द होने का सामना करना पड़ सकता है।