लातूर की कारंजे खदान में मिला 20 वर्षीय युवक का शव, आत्महत्या की आशंका से चिंता बढ़ी
लातूर–औसा महामार्ग के बुधोडा शिवार स्थित कारंजे खदान में 20 वर्षीय निक्षय परमेश्वर कोटमाळे का शव मिला। दशहरे से लापता युवक की मौत के कारणों की जांच जारी है। खदान में बार-बार हो रही घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
लातूर के कारंजे खदान के पास एकत्रित पुलिस व स्थानीय लोग और इनसेट में मृतक निक्षय परमेश्वर कोटमाळे की तस्वीर।
महाराष्ट्र के लातूर–औसा महामार्ग पर बुधोडा शिवार स्थित कारंजे खदान में एक और युवक का शव मिलने से इलाके में हलचल मच गई है। मृतक की पहचान पेठ, तहसील लातूर निवासी 20 वर्षीय निक्षय परमेश्वर कोटमाळे के रूप में हुई है। शुक्रवार सुबह खदान के पानी में शव तैरता दिखाई दिया। सूचना मिलने पर औसा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। निक्षय पिछले दो दिनों से लापता था। प्रारंभिक आशंका है कि उसने खदान के पानी में कूदकर आत्महत्या की होगी।
लातूर–औसा मार्ग पर बुधोडा शिवार में कारंजे खड़ी केंद्र की विस्तृत खदान स्थित है। यहां बड़ी मात्रा में पानी जमा है और आसपास लोगों की आवाजाही भी कम रहती है। ऐसे में यह स्थान खतरनाक साबित हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में इस खदान में आत्महत्या की घटनाएं सामने आने की खबरें मिली हैं। अब एक और युवक का शव मिलने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। खदान में चार आत्महत्याओं की घटनाओं का भी उल्लेख किया जा रहा है।
खदान के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण यहां आने वाले लोगों की जान को खतरा होने की चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
जानकारी के अनुसार, निक्षय कोटमाळे लातूर की एक वित्त कंपनी में काम करता था। दशहरे के दिन उसने तुलजापुर जाने के लिए अपने परिजनों से पैसे मांगे थे। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर घर में विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से निकल गया और वापस नहीं लौटा। निक्षय के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने पुलिस में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी बीच, शुक्रवार सुबह कारंजे खड़ी केंद्र की खदान के पानी में एक युवक का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलने पर औसा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच की। जांच के दौरान शव की पहचान निक्षय कोटमाळे के रूप में हुई। प्रारंभिक अनुमान है कि उसने दो दिन पहले खदान के पानी में छलांग लगाई होगी। हालांकि, उसकी मौत का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कारंजे खदान में बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने से स्थानीय नागरिकों में दुख और चिंता का माहौल है। कम उम्र में युवाओं की मौत उनके परिवारों के लिए गंभीर आघात बन रही है। घटनाओं की पुनरावृत्ति को देखते हुए खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और खदान मालिक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि खदान के चारों ओर मजबूत तार की बाड़ लगाई जाए, खतरे के संकेतक बोर्ड लगाए जाएं और अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
निक्षय की मौत के बाद परिवारों में संवाद और युवाओं को कठिन परिस्थितियों में सहयोग मिलने की आवश्यकता का मुद्दा भी सामने आया है। घटना के संदर्भ में युवाओं से अपील की जा रही है कि पारिवारिक विवाद, क्षणिक गुस्से या निराशा की स्थिति में कोई चरम कदम उठाने के बजाय परिवार के सदस्यों, मित्रों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें। वहीं, खदान में हुई मौतों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर तत्काल ध्यान देना जरूरी है।