मुंबई में कचरे के ठिकानों पर बीएमसी की सख्ती, 286 स्थान चिह्नित, 102 किए साफ
अतिरिक्त आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा ने कचरा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है।
तस्वीर में बीएमसी अधिकारी मुंबई में कचरा और मलबा हटाने की मुहिम के तहत जेसीबी मशीन से सफाई करते दिख रहे हैं।
मुंबई को स्वच्छ और कचरामुक्त बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कचरा जमा होने वाले स्थानों को खत्म करने की मुहिम तेज कर दी है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर में उन सभी संभावित स्थानों की पहचान कर उन्हें तत्काल साफ किया जाए, जहां बार-बार कचरा जमा होता है। उन्होंने कचरा फैलाने और लगातार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।
वरली स्थित बीएमसी कमांड सेंटर में ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. विपिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा स्वच्छता के संबंध में दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए बीएमसी प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से कचरा जमा होने वाले स्थानों को खत्म करने के साथ वहां दोबारा कचरा नहीं फैलने देने के लिए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
बीएमसी के अनुसार, पहले चरण में पूरे मुंबई शहर में कचरा जमा होने वाले 286 संभावित स्थानों की पहचान की गई थी। इनमें से 102 स्थानों को पूरी तरह साफ कर दिया गया है। इन स्थानों पर दोबारा कचरा जमा होने से रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुंबई में प्रतिदिन लगभग 8,500 मीट्रिक टन निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा निकलता है। इसके उचित प्रबंधन के लिए वाहनों की डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है, ताकि मलबे के निस्तारण की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
समीक्षा बैठक में सूखे कचरे के वर्गीकरण केंद्रों के आधुनिकीकरण और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश भी दिए गए। बीएमसी के 55 सूखे कचरा केंद्रों में से 46 केंद्र वर्तमान में चालू हैं। इन केंद्रों पर प्रतिदिन लगभग 137 मीट्रिक टन सूखा कचरा जमा किया जाता है।
डॉ. विपिन शर्मा ने सार्वजनिक शौचालयों में पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ नियमित मरम्मत का काम तेजी से पूरा करने का भरोसा जताया। बीएमसी की इस मुहिम का उद्देश्य कचरा जमा होने वाले स्थानों पर दोबारा गंदगी रोकना, निर्माण मलबे का उचित प्रबंधन करना और सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाना है, ताकि मुंबई के नागरिकों को शहर की सफाई व्यवस्था में जल्द ठोस बदलाव दिखाई दे।