मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच टीम और अधिकारी。   

मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की डिविजन-4 क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए एक और ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है। पिछले एक साल से जारी अभियान के तहत अब तक कुल 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और गुजरात में फैले अंतरराज्यीय ड्रग्स रैकेट पर कार्रवाई करते हुए तैयार ड्रग्स, उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन, लिक्विड, लैब उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में जब्त की गई सामग्री की कीमत करोड़ों रुपये में है।

24 जून 2026 को क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के पुलिस निरीक्षक प्रमोद बदाख के मार्गदर्शन में टीम ने नालासोपारा पूर्व के तुलिंज पुलिस स्टेशन की सीमा में आने वाले प्रगतिनगर इलाके में छापेमारी की। इस दौरान प्रिया वॉशिंग सेंटर के बगल में स्थित बाबा पार्किंग एरिया से अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश (23) को पकड़ा गया। दोनों के पास से 112 ग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामद किया गया, जिसकी कीमत 3,36,000 रुपये बताई गई। पुलिस के अनुसार, यह ड्रग्स बिक्री के लिए तस्करों से लाया गया था।

इस मामले में तुलिंज पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 8(a), 21(a), 22(a), 25, 25(a), 29 और 9(a) के साथ-साथ B.N.S. की धारा 238 के तहत मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने गुजरात के कच्छ, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की। इस अभियान में 21 ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को ड्रग्स निर्माण और उसकी आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। इसके आधार पर जांच का दायरा तेलंगाना तक बढ़ाया गया।

पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, संजय शिंत्रे, डीसीपी संदीप दोईफोड़े और एसीपी नितिन पाटिल के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद बदाख के नेतृत्व में टीम ने आगे की जांच की। इस टीम में प्रवीण भोसले, दत्तात्रय सरक, उमेश भागवत, मनोहर टावरे, योगेश देशमुख, संतोष मदने, शिवाजी पाटिल, रविंद्र भालेराव, विजय गायकवाड़, प्रवीणराज पवार, धनंजय चौधरी, हनुमंत सूर्यवंशी, समीर यादव, अश्विन पाटिल, रविंद्र कांबले और संदीप शेरमले सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर टीम तेलंगाना पहुंची। वहां संगारेड्डी जिले में पटनचेरू के पास मैलाराम स्थित औद्योगिक क्षेत्र में MD ड्रग्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन बनाने वाली फैक्ट्री के बारे में जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि 2-BROMO-4METHYLPROPIOPHENONE नामक रासायनिक पाउडर, जो ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक है, का कथित तौर पर अवैध तरीके से निर्माण किया जा रहा था।

इस मामले में पुलिस ने मुर्तुजा मोहम्मदभाई पतरावाला उर्फ मोंटो उर्फ हसनैन भोपाली (36), निवासी शाहदा, जिला नंदुरबार; शुभम विनोद मोरे (23), निवासी मलकापुर, जिला बुलढाणा; सलीम उर्फ सलीमभाई इस्माइल उर्फ इस्माइल डोला (61), निवासी घोड़ापदेव, कॉटनग्रीन, मुंबई; साबिर मोहम्मद देवलेकर उर्फ किंग मेमन उर्फ साबिर अली (42), निवासी विले पार्ले, मुंबई; और मोहम्मद तहरीम अब्दुल रईस सिद्दीकी (37), निवासी कानपुर, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, ये आरोपी 2-BROMO-4METHYLPROPIOPHENONE रासायनिक पाउडर के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े थे। रमेश बाबू साके द्वारा तेलंगाना राज्य के संगारेड्डी जिले में पटनचेरू के पास मैलाराम स्थित I.D.A. क्षेत्र में इस रसायन का कथित रूप से अवैध निर्माण किया जा रहा था। इसके बाद तैयार रासायनिक पाउडर की आपूर्ति महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय ड्रग्स तस्करों तक की जाती थी।

इस जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट के पटनचेरू पुलिस की मदद से संबंधित फैक्ट्री पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मेडचल मलकाजगिरी, हैदराबाद, तेलंगाना राज्य के निवासी आरोपी रमेश बाबू साके को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके द्वारा संचालित 2-BROMO-4METHYLPROPIOPHENONE रासायनिक पाउडर बनाने वाली फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया।

छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से 44.699 किलोग्राम 2-BROMO-4METHYLPROPIOPHENONE रासायनिक पाउडर बरामद किया गया, जिसकी कीमत 27,06,740 रुपये बताई गई। इसके अलावा, इस रसायन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य रसायन और प्रयोगशाला के उपकरण भी जब्त किए गए।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक कुल 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें ड्रग्स बनाने, उसके निर्माण के लिए आवश्यक 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन रसायन तैयार करने, रसायनों और प्रयोगशाला उपकरणों की आपूर्ति करने, ड्रग्स की तस्करी, पेडलिंग और वित्तीय लेनदेन में शामिल आरोपी हैं। गिरफ्तारियां नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरल, जलगांव, गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना से की गई हैं।

मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की डिविजन-4 क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई में ड्रग्स की खुदरा बिक्री से लेकर उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थों की आपूर्ति तक जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई की गई है। पुलिस की जांच और लगातार छापेमारी के जरिए अंतरराज्यीय ड्रग्स रैकेट के विभिन्न हिस्सों का पता लगाने तथा अवैध निर्माण इकाइयों को ध्वस्त करने का अभियान जारी है।

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