लातूर में जलती दुकान पर पानी डालकर आग बुझाते अग्निशमन कर्मी।

लातूर शहर के स्क्रैप मार्केट परिसर में सोमवार दोपहर करीब दो बजे भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। जैन गोरक्षण संस्था के पास स्थित समृद्धि हार्डवेयर और एस. के. मार्केटिंग नामक दो दुकानों में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और परिसर में धुएं के घने गुबार के साथ ऊंची-ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। हादसे में दोनों दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। राहत की बात रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

समृद्धि हार्डवेयर में प्लाईवुड, बड़ी मात्रा में रंगों के डिब्बे, तिरपाल, प्लास्टिक की चादरें और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी थी। वहीं, एस. के. मार्केटिंग में सोडा वाटर की बोतलें, बिस्किट के कार्टून और अन्य किराना सामग्री का बड़ा स्टॉक था। ज्वलनशील सामग्री की अधिकता के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया।

आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल के जवान मौके पर पहुंचे। आग की तीव्रता को देखते हुए उसे नियंत्रित करने में करीब दो से ढाई घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जवानों ने धुएं और आग की लपटों के बीच पहुंचकर आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए। लंबे प्रयासों के बाद आग को नियंत्रित करने में सफलता मिली।

आग के दौरान दुकानों में रखे बड़े रंगों के डिब्बों और सोडा वाटर की बोतलों से तेज धमाके जैसे आवाजें आ रही थीं। आवाजें इतनी तीव्र थीं कि कुछ समय के लिए पूरे परिसर में पटाखों के धमाकों जैसा माहौल बन गया। अचानक हो रही इन आवाजों से नागरिकों में भय का माहौल बन गया। ये आवाजें रंगों के डिब्बों के कारण हुईं या किसी अन्य सामग्री के कारण, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।

आग का भयावह दृश्य देखने के लिए आसपास बड़ी संख्या में नागरिकों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग मदद के लिए आगे आने के बजाय मोबाइल फोन से आग के वीडियो बनाने में लगे रहे। इससे अग्निशमन वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने और जवानों को आग बुझाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। आपात स्थिति में इस तरह भीड़ जमा होने के बजाय अग्निशमन दल के लिए रास्ता खुला रखना जरूरी है।

दुष्काळ के कारण पहले से ही चारे की कमी के बीच इस आग की चपेट में जैन गोरक्षण संस्था भी आ गई। गोरक्षण संस्था के पास रखा बड़ी मात्रा में कड़बा भी आग की भेंट चढ़कर जल गया। इससे मूक पशुओं के चारे की समस्या और गंभीर हो गई है।

इस भीषण आग में बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ है और वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस जांच के बाद ही आग के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। लाखों रुपये का नुकसान कर गई इस घटना ने व्यापारियों और आसपास के नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने ला दिया है।

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