मुंबई। धारावी पुनर्विकास परियोजना के क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड ने महाराष्ट्र बिजली नियामक आयोग के पास आवेदन जमा किया है। कंपनी ने धारावी पुनर्विकास क्षेत्र को अपने बिजली वितरण लाइसेंस में शामिल करने की मांग की है। अडानी इलेक्ट्रिसिटी के इस कदम से धारावी में बिजली आपूर्ति को लेकर बृहन्मुंबई बिजली आपूर्ति और परिवहन यानी बेस्ट उपक्रम के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

वर्तमान में धारावी क्षेत्र में बेस्ट और टाटा पावर दो कंपनियां ही ग्राहकों को बिजली की आपूर्ति करती हैं। महाराष्ट्र बिजली नियामक आयोग से अडानी इलेक्ट्रिसिटी को मंजूरी मिलने पर धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत बनने वाले नए ग्राहकों के लिए बिजली वितरण का तीसरा विकल्प खुल जाएगा।

पुनर्विकास के बाद धारावी में हजारों नए घर, दुकानें, व्यावसायिक संस्थान और अन्य नागरिक सुविधाएं बनने वाली हैं। इससे क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में नए बनने वाले क्षेत्रों में बिजली वितरण का अधिकार महत्वपूर्ण हो गया है।

अडानी इलेक्ट्रिसिटी के आवेदन का विरोध करने और अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए बेस्ट प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल मुंबई में बेस्ट के पास लगभग साढ़े दस लाख से अधिक बिजली ग्राहक हैं। धारावी सहित मुंबई के अन्य बड़े पुनर्विकास परियोजनाओं में अडानी और टाटा पावर जैसी निजी कंपनियों के आने से भविष्य में बेस्ट के ग्राहकों की संख्या कम होने की चिंता जताई जा रही है।

इसी को ध्यान में रखते हुए बेस्ट अब मुंबई शहर के साथ-साथ पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में भी अपनी बिजली आपूर्ति का विस्तार करने की योजना बना रहा है। धारावी पुनर्विकास क्षेत्र में बिजली वितरण को लेकर अडानी इलेक्ट्रिसिटी के आवेदन ने ऐसे समय में बेस्ट के सामने अपने मौजूदा ग्राहक आधार और भविष्य के विस्तार से जुड़ी चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है।

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