लातूर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर चुनाव आयोग के खिलाफ धरना देते कांग्रेस कार्यकर्ता।

लातूर में केंद्रीय चुनाव आयोग के कथित मनमानी, पक्षपाती और हुकूमशाहीपूर्ण कामकाज के विरोध में कांग्रेस ने तीखा प्रदर्शन किया। लातूर जिला कांग्रेस कमेटी और लातूर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर आयोजित इस आंदोलन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले को उलटा लटकाकर और उनकी प्रतिमा व पुतले पर जोड़े मारकर विरोध जताया गया। लातूर के सांसद डॉ. शिवाजी काले की प्रमुख उपस्थिति में तथा जिलाध्यक्ष अभय सालुंके और शहर जिलाध्यक्ष प्रो. डॉ. शिवाजी जवळगेकर के नेतृत्व में हुए आंदोलन में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

आंदोलन के दौरान संतप्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले को उलटा लटकाया और उस पर अपना रोष व्यक्त किया। ज्ञानेश कुमार की तस्वीर और पुतले पर जोड़े मारकर भी विरोध किया गया। आंदोलन के मुख्य मंच पर ‘व्होट चोरी विरोधात जनतेचा एल्गार - देशद्रोही ज्ञानेश कुमार हटावो, लोकशाही बचाओ’ आशय का बड़ा फलक लगाया गया था। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना देते हुए “व्होट चोर - गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए। इससे छत्रपति शिवाजी महाराज चौक की यातायात व्यवस्था कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप रही।

आंदोलन को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. शिवाजी काले ने कहा कि देश की स्वायत्त संस्थाओं की स्वायत्तता खत्म कर लोकतांत्रिक व्यवस्था का गला घोंटने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण और निष्पक्ष रहने वाली संस्थाओं को सत्ताधारियों के दबाव में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनके अनुसार यह अत्यंत शर्मनाक और संविधान पर सीधा प्रहार करने वाली बात है।

डॉ. काले ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से लाखों पात्र मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं और मतदाताओं के पवित्र अधिकार पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा देश को दिए गए संविधान और नागरिकों को मिले मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता अंतिम सांस तक सड़क पर उतरकर संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और जनता के जनादेश को बचाने के लिए पूरा विपक्ष और जनता राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़ी है तथा यह लड़ाई संसद से लेकर गली-मोहल्लों तक और तीव्र की जाएगी।

लातूर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अभय सालुंके ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में बेहद व्यवस्थित और पूर्व नियोजित तरीके से ‘वोट चोरी’ की जा रही है। उनके अनुसार, संविधान के तहत राष्ट्रपति, राज्यपाल, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को केवल पद पर रहते हुए ही कानूनी संरक्षण की सुविधा मिलती है, जबकि 2023 में केंद्र सरकार ने नया कानून बनाकर चुनाव आयुक्तों को पद से हटने के बाद भी कार्रवाई से संरक्षण दिया है। 2023 के कानून की धारा 16 में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के आधिकारिक कर्तव्य के निर्वहन में किए गए कार्यों के संबंध में दीवानी या आपराधिक कार्यवाही से संरक्षण का प्रावधान है।

सालुंके ने आरोप लगाया कि इस संरक्षण के जरिए उनसे गलत और गैरकानूनी काम करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस महीनों के दौरान आयोग की बैठकों की कोई विषयसूची यानी एजेंडा या कार्यवृत्त दर्ज किए बिना ज्ञानेश कुमार ने एकतरफा फैसले थोपे हैं। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की पत्रकार ऋतिका चोपड़ा की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में कम से कम 14 बार नोटिंग और ईमेल के माध्यम से आयोग के कुछ निर्णयों और कदमों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं।

सालुंके ने कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में केवल पांच महीनों में 39 लाख मतदाता संदिग्ध तरीके से बढ़ाए गए, जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने समय-समय पर सबूतों के साथ आवाज उठाई है। 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच महाराष्ट्र में 39 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने का दावा राहुल गांधी ने फरवरी 2025 में किया था।

उन्होंने कहा कि ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की पत्रकार ऋतिका चोपड़ा द्वारा सामने लाई गई जानकारी के अनुसार, आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 बार नोटिंग और ईमेल के जरिए ज्ञानेश कुमार के एकतरफा निर्णयों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की थीं। सालुंके ने इसे चुनाव आयुक्तों की पूरी मिलीभगत का प्रमाण बताते हुए आरोप लगाया कि रेल यात्रियों को नशीली दवा देकर चोरी करने वाले गिरोहों की तरह मतदाताओं के साथ धोखाधड़ी की जा रही है।

सालुंके ने देश के लोकतंत्र और मतदान के अधिकार को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। आंदोलन के दौरान विभिन्न पदाधिकारियों ने भी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी भूमिका रखते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।

आंदोलन के अंत में लातूर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रो. डॉ. शिवाजी जवळेकर ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित गैरकानूनी कृत्य का विरोध किया और उपस्थित सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी समय में ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।

इस अवसर पर महापौर जयश्री सोनकांबळे, प्रदेश सचिव एड. समद पटेल, विद्याताई पाटील, डॉ. दिनेश नवगिरे, एन आर पाटील, सचिन बंडापल्ले, विजयकुमार साबदे, जिला उपाध्यक्ष गंगासिंह कदम, प्रभाकर बंडगर, गोविंद बोराडे, मारुति पांडे, विलास पाटील चाकूरकर, दत्तोपंत सूर्यवंशी, जिला परिषद सदस्य दत्ता टेकाळे, शिवानंद पाटील, शीलाताई पाटील, सुनिताताई आरळीकर, सईताई गोरे, सोनाली थोरमोटे, डॉ. अंजुम कादरी, योगिता जाधव, सुभाष जाधव, प्रमोद मरुरे, दिपाली आदमाने, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलेश देशमुख, शहराध्यक्ष विष्णुदास धायगुडे, एन.एस.यू.आई. जिलाध्यक्ष रोहित बिरादार, सेवादल जिलाध्यक्ष अनिल चव्हाण, विजयकुमार पाटील, सचिन पाटील, अजित माने, पंकज शेळके, विजयकुमार पाटील, चंद्रकांत मद्दै, सुधाकर पाटील, आबासाहेब पाटील उजेडकर, गोपाल भंडे, प्रमोद कापसे, उमेश बेद्रे, संतोष बिरादार, किरण बाबळसुरे, नगरसेविका इस्रार सगरे, अहमद खान पठाण, तबसूम शेख, श्रावणी झिपरे, पवन सोलंकर, डॉ. बालाजी सालुंखे, सतीश सालुंखे, मनोज थोरात, गिरीश ब्याळे, संजय ओहळ, असलम शेख, प्रो. प्रवीण कांबले, राम स्वामी, एड. देविदास बोरुळे, आयुब मणियार, वैजनाथ लूल्ले, अकबर माडजे, राम भंडारे, अनिल पाटील, संजय पाटील खंडापूरकर, बालाजी वळसांगवीकर, प्रो. सुधीर अनवले, मतीन सय्यद और पवन गायकवाड़ सहित जिला कार्यकारिणी, विभिन्न फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, नगरसेवक, जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य तथा बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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