तस्वीर में कागल तहसील कार्यालय में अधिकारी को ज्ञापन सौंपते किसान दिखाई दे रहे हैं।

नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को सरकार द्वारा घोषित 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान तत्काल दिया जाए और कागल तालुका को सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल किया जाए, इन प्रमुख मांगों को लेकर मुरगूड क्षेत्र के किसानों की ओर से कागल तहसीलदार कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। किसानों ने मांगों पर 15 दिनों के भीतर निर्णय नहीं होने पर तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।

इस दौरान किसानों ने खेती के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं को तहसील प्रशासन के संज्ञान में लाया। ज्ञापन में कहा गया कि बारिश का अनियमित प्रमाण, फसलों को हो रहा नुकसान, बढ़ती उत्पादन लागत, कृषि उपज को मिलने वाला अपेक्षित भाव और कर्ज का बढ़ता आर्थिक बोझ, इन कारणों से किसान मुश्किल में है। ऐसी स्थिति में नियमित रूप से कर्ज की अदायगी करने वाले किसानों को प्रोत्साहन के तौर पर 50 हजार रुपये का अनुदान मिलना आवश्यक है।

किसानों ने कहा कि बारिश की कमी और प्रतिकूल मौसम के कारण खरीफ सीजन की फसलों पर असर पड़ा है। इससे किसानों की आय में कमी आने की संभावना है। इसलिए सरकार वस्तुनिष्ठ निरीक्षण कर कागल तालुका को सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल करे, यह मांग भी किसानों ने की।

किसानों की मांगों पर सरकार और प्रशासन गंभीरता से विचार कर तत्काल निर्णय लें। 15 दिनों के भीतर उचित निर्णय नहीं होने पर कागल सहित जिले के किसान एकजुट होकर तीव्र आंदोलन छेड़ेंगे, ऐसी चेतावनी इस दौरान दी गई।

ज्ञापन सौंपते समय समीर गोरूले, अनिल पाटील, तानाजी गोरूले, भैरू इंदलकर, विश्वास शेणवी, बाळासो शेणवी, सदाशिव भारमल, बाळासो भारमल, चंद्रकांत हळकर सहित मुरगूड क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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