जालना महानगरपालिका: विद्युत बैठक से पत्रकारों को बाहर निकाला

जालना मनपा की विद्युत विभाग बैठक में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की मौजूदगी में पत्रकारों को बाहर करने पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Update: 2026-07-02 13:22 GMT

तस्वीर में जालना महानगरपालिका की बैठक में शामिल जनप्रतिनिधि और अधिकारी दिख रहे हैं।

जालना। जालना महानगरपालिका के विद्युत विभाग की महत्वपूर्ण बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब बैठक के दौरान मौजूद पत्रकारों को बाहर जाने के लिए कहा गया। इस घटनाक्रम के बाद बैठक की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं बैठक में शहर की विद्युत सुविधाओं को बेहतर बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में नए पथदिवे लगाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक में भाजपा के गटनेता महेश निकम, विद्युत एवं शिक्षा सभापति भाग्यश्री सुजीत जोगस, उपसभापति वैशाली वैजनाथ राऊत, नगरसेविका संगीता गोरंट्याल, नगरसेवक अमोल ठाकूर, नगरसेवक दुर्गेश काठोठीवाले, उपायुक्त नंदा गायकवाड़, उपायुक्त कोमल गावंडे तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान नगरसेवक अमोल ठाकूर ने शहर के विभिन्न मार्गों पर पथदिवे लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने अंबड चौफुली से इंदेवाड़ी, अंबड चौफुली से मच्छोदरी कॉलेज तथा अंबड चौफुली से रेलवे उड्डाणपुल तक स्ट्रीट लाइट लगाने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही उन्होंने शहर के अन्य आवश्यक क्षेत्रों में भी जरूरत के अनुसार पथदिवे स्थापित करने की मांग रखी।

नगरसेवक दुर्गेश काठोठीवाले ने भी अपने प्रभाग क्रमांक 8 में नए पथदिवे लगाए जाने की मांग बैठक में रखी। बैठक के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के नागरिकों से जुड़ी विद्युत सुविधाओं और स्थानीय समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया।

हालांकि, बैठक में विद्युत एवं शिक्षा सभापति भाग्यश्री सुजीत जोगस ने किन विषयों पर अपनी भूमिका रखी अथवा उन्होंने कौन-से सुझाव या निर्णय प्रस्तुत किए, इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इसी बीच बैठक के दौरान उपस्थित पत्रकारों को बाहर जाने के लिए कहे जाने की जानकारी भी सामने आई, जिसके बाद बैठक की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई। इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि ऐसी महत्वपूर्ण बैठकों को अधिक खुली और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि बैठक में हुई चर्चा और लिए गए निर्णयों की जानकारी आम नागरिकों तक स्पष्ट रूप से पहुंच सके। फिलहाल इस मामले में बैठक से संबंधित किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण की जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है।

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