तेज आंधी ने दो एकड़ मक्का की फसल गिराई, किसान को डेढ़ लाख रुपये का नुकसान
सिल्लोड के भवन में तेज आंधी और बारिश से दो एकड़ मक्का की फसल जमीन पर गिर गई। किसान ने डेढ़ लाख रुपये नुकसान का पंचनामा मांगा है।
तस्वीर में सिल्लड़ में तेज बारिश से बर्बाद हुई मक्का की फसल दिखाई दे रही है।
सिल्लोड तहसील के भवन परिसर में शुक्रवार रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने किसान रावसाहेब रामकृष्ण कलम की दो एकड़ मक्का की खड़ी फसल को जमीन पर गिरा दिया। भवन निवासी किसान रावसाहेब कलम के गट नंबर 226 में दो एकड़ क्षेत्र में मक्का की फसल खड़ी थी। तेज हवाओं के कारण पूरी फसल जमीन पर गिर गई। इससे किसान को लगभग डेढ़ लाख रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
इस वर्ष बारिश की कमी के कारण सूखे जैसी स्थिति के बावजूद रावसाहेब कलम ने कुएं के पानी से दो एकड़ मक्का की फसल को बचाया था। फसल अब कटाई के चरण में पहुंच चुकी थी। इसी दौरान अचानक तेज आंधी और बारिश आने से पूरी फसल जमीन पर गिर गई। इससे किसान की सालभर की मेहनत प्रभावित हुई और उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
किसान रावसाहेब कलम ने प्रशासन से तत्काल फसल नुकसान का निरीक्षण कर पंचनामा करने और शासन के नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
कुएं के पानी से बचाई थी मक्का, आंधी ने पूरी फसल बर्बाद कर दी
रावसाहेब रामकृष्ण कलम ने कहा, “बारिश नहीं होने के कारण मेरी दूसरी फसल हाथ से निकल गई थी। लेकिन कुएं के पानी से मैंने दो एकड़ मक्का की फसल बचाई थी। फसल कटाई के चरण में थी, तभी अचानक आई तेज आंधी और बारिश से दो एकड़ मक्का पूरी तरह जमीन पर गिर गई। इससे मेरा काफी नुकसान हुआ है। शासन प्रशासन से निवेदन है कि तत्काल पंचनामा कर नुकसान का मुआवजा दिया जाए।”