यूजेएलए सम्मेलन में जैन तीर्थ क्षेत्रों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं का सम्मान, कई विशिष्टजन रहे मौजूद
यूजेएलए के सम्मेलन में वरिष्ठ अधिवक्ताओं सुधांशु कासलीवाल, हेमंत सोगानी और सुरेंद्र मोहन जैन को अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया। केशवरायपाटन के जैन अतिशय क्षेत्र की प्रबंध कार्यकारिणी सहित तीर्थ क्षेत्रों के न्यायिक मामलों में योगदान देने वाले अधिवक्ताओं को भी सराहा गया।
यूजेएलए के सम्मेलन में जैन तीर्थ क्षेत्रों से जुड़े अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया।
यूजेएलए के सम्मेलन में जैन तीर्थ क्षेत्रों से जुड़े मामलों की न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के योगदान को सराहा गया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों को अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया। श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, केशवरायपाटन की प्रबंध कार्यकारिणी का भी सम्मान किया गया।
सम्मेलन में यूजेएलए के राष्ट्रीय महामंत्री अजयवीर सिंह जैन, जयपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधांशु कासलीवाल और सुधीर कुमार जैन, अधिवक्ता हेमंत सोगानी एवं जितेंद्र मोहन जैन, कोटा के अधिवक्ता एवं पूर्व जिला न्यायाधीश जे.के. जैन और एस.के. जैन, टोंक के पूर्व जिला न्यायाधीश पारस कुमार जैन तथा कोटा के एम.एल. पाटोदी सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सुधांशु कासलीवाल, अधिवक्ता हेमंत सोगानी और यूजेएलए के मुख्य समन्वयक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन जैन को अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, केशवरायपाटन की प्रबंध कार्यकारिणी का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में जैन तीर्थ क्षेत्रों से संबंधित मामलों की न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के योगदान की सराहना की गई। सम्मेलन में अधिवक्ताओं और तीर्थ क्षेत्र की प्रबंध कार्यकारिणी का सम्मान प्रमुख रूप से शामिल रहा।
अधिवेशन का संचालन एस एम जैन एवं यथार्थ पाटनी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रबंध कार्यकारिणी के महामंत्री राकेश जैन चपलमन ने किया।