कोटा में कनवास निवासी 71 वर्षीय गोविंद लाल (दाएं से दूसरे) अपने सहयोगियों के साथ प्रेस वार्ता कर 11 बीघा पैतृक जमीन के विवाद में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग करते हुए।   

कोटा। पैतृक जमीन के अधिकार की लड़ाई में 71 वर्षीय गोविंद लाल पिछले 32 साल से संघर्ष कर रहे हैं। कनवास निवासी गोविंद लाल पुत्र स्वर्गीय देवी लाल ने करीब 11 बीघा कृषि भूमि को लेकर वर्ष 1994 से चले आ रहे विवाद में प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, कथित अतिक्रमण पर नियमानुसार कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

गोविंद लाल के प्रार्थना-पत्र के अनुसार, विवादित कृषि भूमि का पुराना खसरा नंबर 1420/2338 है, जबकि वर्तमान में इसके खसरा नंबर 1112, 1122 और 1123 हैं। उनका दावा है कि यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में उनके परिवार के नाम दर्ज रही है, लेकिन इस पर अन्य लोगों ने कथित रूप से कब्जा कर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन पर अपने अधिकार की मांग करने पर उन्हें गाली-गलौज और मारपीट का सामना करना पड़ा। साथ ही, उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।

शिकायत में वर्ष 1994 में खेत में बोई गई फसल को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है। गोविंद लाल ने इस मामले में 19 सितंबर 1994 को कनवास थाने में एफआईआर संख्या 157 दर्ज होने का उल्लेख किया है। इसके अलावा, उन्होंने वर्ष 2005 और 2014 में चले राजस्व वादों तथा 28 जुलाई 2026 को पारित आदेश की भी जांच कराने की मांग की है।

गोविंद लाल ने प्रशासन से जमाबंदी, नक्शों और अन्य राजस्व अभिलेखों का सत्यापन कराने की अपील की है। उन्होंने विवादित भूमि पर कथित अतिक्रमण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और जमीन का कब्जा दिलाने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

71 वर्ष की उम्र में भी पैतृक भूमि के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे गोविंद लाल को अब प्रशासन की निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई से राहत मिलने की उम्मीद है। करीब 11 बीघा कृषि भूमि से जुड़े इस पुराने विवाद में राजस्व अभिलेखों, पूर्व के मामलों और 28 जुलाई 2026 के आदेश की जांच की मांग की गई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दूसरे पक्ष का जवाब सामने आना अभी बाकी है।

Tags: