सरकारी जमीन पर निजी कंपनी के टावर का विरोध, जलदाय विभाग कार्यालय में क्षेत्रवासियों का धरना
कोटा के रंगबाड़ी योजना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर निजी कंपनी का टावर लगाने के विरोध में क्षेत्रवासियों ने धरना देकर काम रोकने और जांच की मांग की।
तस्वीर में जलदाय विभाग कार्यालय में ज्ञापन देते हुए रंगबाड़ी योजना के क्षेत्रवासी।
रंगबाड़ी योजना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर निजी कंपनी का टावर लगाए जाने के विरोध में गुरुवार को क्षेत्रवासियों ने जलदाय विभाग कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टावर के कारण आसपास बने मकानों में कंपन महसूस होने और भविष्य में किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए इसका काम तत्काल रुकवाने की मांग की।
मंडल अध्यक्ष चेतन सोलंकी ने बताया कि क्षेत्रवासियों की अनुमति के बिना जलदाय विभाग द्वारा सरकारी जमीन पर निजी कंपनी का टावर लगाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि टावर के निर्माण के कारण आसपास के मकानों में कंपन महसूस हो रहा है, जिससे मकानों को नुकसान पहुंचने और कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है।
चेतन सोलंकी ने कहा कि यदि समय रहते टावर को यहां से नहीं हटाया गया तो क्षेत्रवासी निश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी समस्त जिम्मेदारी जलदाय विभाग एवं उच्च अधिकारियों की होगी।
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभाग के सहायक अभियंता की अनुपस्थिति में कनिष्ठ अभियंता ज्योति महावर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से टावर का काम तत्काल रुकवाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई।
धरना प्रदर्शन में मनीष आर्य, योगेश शर्मा, तन्मय यादव, संदीप शर्मा, उर्मिला, प्रदीप शर्मा, आशीष मीणा, प्रताप सिंह हाड़ा, जुल्फिकार अली, प्रवीण कुमार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सरकारी जमीन पर निजी कंपनी के टावर को लेकर क्षेत्रवासियों के विरोध और मकानों में कंपन महसूस होने के दावों के बीच अब प्रदर्शनकारियों ने काम रोकने और मामले की जांच की मांग उठाई है।