तस्वीर में सैन्य अधिकारी प्रदर्शनी टेंट के भीतर आम लोगों को आधुनिक हथियार समझाते हुए।

प्रदर्शनी में शामिल आधुनिक और विभिन्न देशों में निर्मित हथियारों ने अपनी मारक क्षमता और तकनीकी विशेषताओं से ध्यान आकर्षित किया। इनमें टैंकभेदी हथियारों से लेकर रॉकेट लॉन्चर, ऑटोमेटिक ग्रेनेड सिस्टम और मोर्टार तक शामिल रहे।

टैंकभेदी हथियारों में फैगॉट लॉन्चर व कोनकुर्स मिसाइल प्रणाली प्रमुख रही। ये सेमी-ऑटोमैटिक कमांड टू लाइन ऑफ साइट (सैक्लोस) सिद्धांत पर काम करती हैं। इनकी अधिकतम रेंज 4000 मीटर तथा प्रहार क्षमता 600 मिमी कवच भेदन तक है।

स्वीडन निर्मित 84 एमएम रॉकेट लॉन्चर एमके-III भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहा। इसकी विभिन्न प्रकार के गोलों, जिनमें हीट, एचई और स्मोक शामिल हैं, के साथ रेंज 500 से 2100 मीटर तक जाती है।

रूस में निर्मित ऑटोमेटिक ग्रेनेड सिस्टम-30 की मारक क्षमता 1700 मीटर तक है। यह सामान्य दर पर 50 और साइक्लिक दर पर 400 ग्रेनेड प्रति मिनट तक फायर कर सकता है।

वहीं भारत निर्मित 81 एमएम मोर्टार की अधिकतम रेंज 5200 मीटर है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित इन हथियार प्रणालियों की अलग-अलग रेंज, फायरिंग क्षमता और कवच भेदन क्षमता ने उनके तकनीकी उपयोग और मारक क्षमता को सामने रखा।

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