Prof HD Charan Appointed BOG Chairperson ABV IIITM Gwalior | प्रो. एचडी चारण ABV-IIITM ग्वालियर BOG के चेयरपर्सन नियुक्त
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बीटीयू के पूर्व कुलगुरु प्रो. एचडी चारण को ABV-IIITM ग्वालियर के बीओजी चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी है।
तस्वीर में दिख रहे प्रो. एचडी चारण नीले सूट और चश्मे में नजर आ रहे हैं।
कोटा, 18 सितंबर। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से सेवानिवृत्त, बीटीयू के पूर्व कुलगुरु एवं वर्तमान चेयरपर्सन, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), भोपाल प्रो. एचडी चारण को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अटल बिहारी वाजपेयी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (एबीवी-आईआईआईटीएम), ग्वालियर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) के चेयरपर्सन का प्रभार दिया है।
सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग-शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की निदेशक गरिमा शर्मा ने आदेश जारी किए हैं। प्रोफेसर एचडी चारण वर्ष 2019 में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। आरटीयू में सेवाकाल के दौरान वह डीन अकादमिक रहे और बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु भी रह चुके हैं।
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन के रूप में प्रो. चारण की जिम्मेदारी संस्थान की नीतिगत दिशा, दीर्घकालिक विकास योजनाओं और शैक्षणिक उत्कृष्टता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों में मार्गदर्शन प्रदान करने की होगी। एबीवी-आईआईआईटीएम, ग्वालियर देश के प्रमुख तकनीकी एवं प्रबंधन शिक्षा संस्थानों में शामिल है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय महत्व का आईआईआईटीएम संस्थान सूचना प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के अंतर्विषयक क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए विख्यात है। पूर्व कुलगुरु प्रो. चारण वर्तमान में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली की मानवीय मूल्य की राष्ट्रीय समिति के चेयरपर्सन भी हैं।
तकनीकी शिक्षा एवं अकादमिक प्रशासन के क्षेत्र में प्रो. चारण लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनका अनुभव सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा संस्थागत नेतृत्व जैसे क्षेत्रों से जुड़ा रहा है। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन के रूप में प्रो. चारण की भूमिका संस्थान की नीतिगत दिशा, दीर्घकालिक विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता और संस्थागत सुदृढ़ीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों में मार्गदर्शन प्रदान करने की होगी।