NEET UG 2026: मुंबई के ऑटो ड्राइवर के बेटे प्रभात ने हासिल की 3864 रैंक, मिला KGMU
जौनपुर के प्रभात कुमार यादव ने नीट यूजी में 627 अंक प्राप्त कर सफलता पाई, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में मिला प्रवेश।
तस्वीर में प्रभात कुमार यादव अपने दादा इन्द्र बहादुर यादव को मिठाई खिलाते हुए दिख रहे हैं।
कोटा में रहकर नीट की तैयारी करने वाले जौनपुर के देवकीपुर गांव निवासी प्रभात कुमार यादव ने अपनी मेहनत और पिता के दो दशक लंबे संघर्ष को सफलता में बदल दिया। NEET UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक 3864 हासिल कर प्रभात ने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के लखनऊ कैम्पस में एडमिशन लिया है। बेटे की सफलता की खबर मिलते ही मुम्बई में ऑटो रिक्शा चलाने वाले पिता महेंद्र कुमार यादव भावुक हो गए, वहीं दादा इन्द्र बहादुर यादव खुशी से झूम उठे।
प्रभात की सफलता पर परिवार की खुशियां सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भी नजर आ रही हैं। वीडियो में प्रभात के दादा इन्द्र बहादुर यादव पोते की उपलब्धि की खुशी में नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि प्रभात ने अपने पिता की मेहनत और त्याग को अपनी सफलता से सम्मान दिया है।
उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में मछली तहसील के देवकीपुर गांव निवासी प्रभात कुमार यादव ने NEET UG 2026 में 627 अंक हासिल किए और ऑल इंडिया रैंक 3864 प्राप्त की। प्रभात ने कोटा में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में पढ़ाई की। इससे पहले उसने कक्षा 10वीं में 89.44 प्रतिशत और कक्षा 12वीं में 83.44 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
प्रभात के पिता महेंद्र कुमार यादव पिछले करीब 20 वर्षों से मुम्बई में ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। परिवार के सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रभात के दादा इन्द्र बहादुर यादव, मां बंशराजी और भाई-बहिनों सहित पूरा परिवार गांव में रहता है, जबकि महेंद्र कुमार यादव पिछले करीब 20 वर्षों से परिवार से दूर रहकर मुम्बई में मेहनत कर रहे हैं। वे मुम्बई की एक छोटी सी चॉल में रहकर ऑटो रिक्शा चलाते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाते रहे।
प्रभात एलन कोटा का क्लासरूम स्टूडेंट रहा है। उसकी सफलता से देवकीपुर गांव के साथ-साथ आसपास के करीब चार गांवों में भी खुशी का माहौल है। ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्रवासी परिवार को लगातार बधाइयां दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभात ने जिस तरह नीट में सफलता हासिल की है, वह क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
प्रभात ने अपने गांव में रहकर पढ़ाई की थी और डॉक्टर बनने के लक्ष्य को लेकर करीब दो वर्षों तक नीट की तैयारी की। बेहतर तैयारी के लिए वह कोटा आया, जहां उसने एलन में एडमिशन लिया। उसे पहले वर्ष 10 प्रतिशत और दूसरे वर्ष 50 प्रतिशत की रियायत फीस में मिली। पिता ने ईएमआई के माध्यम से फीस भरी, जबकि कुछ मदद प्रभात के मामा दयाराम यादव ने की।
प्रभात ने नीट की तैयारी में मेहनत और लगन जारी रखी। पहले प्रयास में उसने 504 अंक हासिल किए थे। इसके बाद उसने अपनी तैयारी को और मजबूत किया और NEET UG 2026 में 627 अंक हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 3864 प्राप्त की। इस सफलता के बाद गांवों के अन्य बच्चे भी प्रभात के पास आकर पूछ रहे हैं कि उन्हें कॅरियर बनाने के लिए क्या करना चाहिए।
प्रभात का कहना है कि परिजनों की मेहनत और एलन कोटा के मार्गदर्शन ने उसकी सफलता में बहुत मदद की। वह एक अच्छा डॉक्टर बनकर गांव और समाज की सेवा करना चाहता है।
एलन के फाउंडर डॉ. नवीन माहेश्वरी ने कहा कि कोटा बच्चों के सपने पूरे कर रहा है। उनकी प्रतिभा को सम्मान देते हुए आगे बढ़ा रहा है। ये बच्चे परिवार ही नहीं, समाज और देश के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। एलन ऐसे बच्चों की हर मदद करने के लिए तत्पर रहता है।
प्रभात की उपलब्धि ने देवकीपुर और आसपास के करीब चार गांवों में उत्साह पैदा किया है। पिता के सीमित संसाधनों और करीब दो दशक के संघर्ष के बीच बेटे ने दूसरे प्रयास में NEET UG 2026 में 627 अंक और ऑल इंडिया रैंक 3864 हासिल कर डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।