तस्वीर में बाएं से दाएं, पहली महिला, एक पुरुष, दूसरे पुरुष और डॉ. नूरिया रहमान ग्लासगो में कॉन्फ्रेंस के दौरान खड़े हैं।

कोटा की निजी कोचिंग व्यवस्था और उसके बदलते स्वरूप पर अब अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर चर्चा हुई है। ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नूरिया रहमान ने यूनाइटेड किंगडम के यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में आयोजित BAICE कॉन्फ्रेंस 2026 में कोटा के कोचिंग उद्योग पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन में आयोजित अकादमिक कार्यक्रम में भी उन्होंने भाग लिया।

3 से 5 सितंबर 2026 तक आयोजित BAICE कॉन्फ्रेंस में डॉ. नूरिया रहमान ने ‘मार्केट डायनेमिक्स ऑफ द प्राइवेट कोचिंग इंडस्ट्री: कोटा, द कोचिंग हब ऑफ इंडिया’ विषय पर शोध-पत्र प्रस्तुत किया। शोध में कोटा को भारत में निजी कोचिंग उद्योग की बदलती बाजारगतिशीलता को समझने के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा गया है।

शोध में कोटा की निजी कोचिंग व्यवस्था से जुड़े सवालों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखते हुए निजी कोचिंग, शिक्षा बाजार और नियमन से जुड़े व्यापक मुद्दों पर चर्चा की गई। यह प्रस्तुति ऐसे शोधों के साथ हुई, जिनमें विभिन्न देशों में शैडो एजुकेशन यानी औपचारिक शिक्षा व्यवस्था के समानांतर संचालित निजी शिक्षण व्यवस्था का अध्ययन किया गया था। सम्मेलन में सिंगापुर और भारत के तुलनात्मक संदर्भ में भी चर्चा हुई।

‘कंस्ट्रक्टिव एनकाउंटर्स: डाइवर्जेंट वॉइसेज, डायलॉग्स एंड शेयर्ड फ्यूचर्स इन सीआईई’ विषय पर आयोजित BAICE सम्मेलन में तुलनात्मक एवं अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न देशों के विद्वान और शोधकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा बाजार और विभिन्न देशों में निजी कोचिंग की भूमिका से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

डॉ. नूरिया रहमान की प्रस्तुति के माध्यम से कोटा के अनुभव को व्यापक अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विमर्श से जोड़ने का अवसर मिला। इससे कोटा के कोचिंग उद्योग से जुड़े स्थानीय सवालों पर वैश्विक अकादमिक संदर्भ में चर्चा हुई।

ग्लासगो सम्मेलन के बाद डॉ. नूरिया रहमान ने यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन में आयोजित सेंटर फॉर ग्लोबल हायर एजुकेशन 2026 अर्ली करियर ऑटम स्कूल में भाग लिया। यह आयोजन 7 और 8 सितंबर 2026 को ऑक्सफोर्ड में हुआ।

ऑक्सफोर्ड की ओर से जारी आमंत्रण के अनुसार, इस ऑटम स्कूल में दुनिया के विभिन्न देशों से करीब 20 प्रारंभिक करियर के शोधकर्ताओं के शामिल होने की योजना थी। आयोजन में अकादमिक गतिविधियों, व्याख्यानों और शोधकर्ताओं के बीच नेटवर्किंग के अवसर रखे गए थे।

डॉ. नूरिया रहमान ने कहा कि कोटा के कोचिंग उद्योग पर शोध को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना विशेष रूप से सार्थक रहा। इससे कोटा जैसे स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र से जुड़े सवालों को शिक्षा और समाज पर होने वाली वैश्विक चर्चाओं में शामिल करने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि ग्लासगो और ऑक्सफोर्ड के अकादमिक आयोजनों के दौरान शोध पर विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त हुए। अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के साथ संवाद और विभिन्न शिक्षा व्यवस्थाओं के संदर्भ में अकादमिक नेटवर्क को मजबूत करने का अवसर भी मिला। इस तरह कोटा की निजी कोचिंग व्यवस्था से जुड़े शोध को ग्लासगो और ऑक्सफोर्ड के अकादमिक मंचों पर अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विमर्श से जोड़ा गया।

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