कोटा के वैष्णो देवी मंदिर में नवरात्रि उत्सव, जानें घट स्थापना और आरती का समय
दादाबाड़ी स्थित मंदिर में 11 अक्टूबर से घट स्थापना, नवचंडी पाठ, माता की चौकी और महाअष्टमी पर छप्पन भोग के साथ भंडारे का आयोजन होगा।
तस्वीर में कोटा के वैष्णो देवी मंदिर में माता रानी की सजाई गई प्रतिमा दिख रही है।
कोटा। दादाबाड़ी स्थित वैष्णो देवी ज्योति मंदिर में शारदीय नवरात्रि पर नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन होंगे। 11 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त में घट स्थापना के साथ नवरात्रि उत्सव का शुभारंभ होगा। इस दौरान मंदिर परिसर रंग-बिरंगी लाइटिंग और आकर्षक पुष्प सज्जा से सजेगा। प्रतिदिन माता रानी का नए वस्त्रों से अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
मंदिर के प्रबंधक सनमीत सिंह बंटी ने बताया कि 11 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे विधिवत घट स्थापना की जाएगी। नौ दिनों तक मंदिर में नवचंडी पाठ और रामायण पाठ के अनुष्ठान होंगे। प्रतिदिन रात 8:30 बजे महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी। भक्तों की ओर से भेंट की गई नई पोशाकों से माता रानी का श्रृंगार हरप्रीत कौर एवं प्रभरानी कौर करेंगी।
नवरात्रि के विशेष आयोजनों के तहत 13 अक्टूबर को तृतीया और 16 अक्टूबर को षष्ठी के अवसर पर रात 9 बजे माता की चौकी सजेगी। वहीं, 15 अक्टूबर को पंचमी के दिन अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक महिला सत्संग आयोजित होगा।
18 अक्टूबर को महाअष्टमी पर सुबह 9 बजे हवन-पूजन, कन्या पूजन और महाभोग का आयोजन किया जाएगा। रात में श्रद्धालु माता रानी को छप्पन भोग अर्पित करेंगे। इसके बाद छप्पन भोग का प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाएगा। अष्टमी की आरती के बाद माता का विशेष श्रृंगार भी प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा।
नवरात्रि उत्सव का समापन 19 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर होगा। इस दिन शाम 5 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। घट स्थापना से लेकर नवचंडी पाठ, रामायण पाठ, माता की चौकी, छप्पन भोग और विशाल भंडारे तक नौ दिनों तक मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।