कोटा: मुनिश्री विवर्धन सागर महाराज ने समझाया सम्यक श्रद्धान और माता-पिता की सेवा का महत्व
ऋद्धि-सिद्धि नगर के चंद्रप्रभु जिनालय में आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री ने मिथ्यात्व से बचने और सात तत्वों के सम्यक श्रद्धान की सीख दी।
कोटा स्थित जिनालय में मुनिश्री विवर्धन सागर जी के पाद प्रक्षालन करते श्रद्धालु।
कोटा। सच्चे देव, शास्त्र और गुरु के प्रति श्रद्धा में संशय तथा माता-पिता की उपेक्षा व्यक्ति को धर्म के वास्तविक स्वरूप से दूर कर देती है। कुन्हाड़ी स्थित ऋद्धि-सिद्धि नगर के श्री 1008 चंद्रप्रभु जिनालय में विराग वर्धन पावन वर्षायोग-2026 के अंतर्गत आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री 108 विवर्धन सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सम्यक श्रद्धान, मिथ्यात्व, कर्म सिद्धांत और माता-पिता की सेवा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि मिथ्यात्व व्यक्ति को सत्य से दूर करता है, जबकि अभिमान उसे सत्य के मार्ग से भटका देता है।
मुनिश्री ने आचार्य सिद्धांतचक्रवर्ती नेमिचंद्र स्वामी की 28वीं कारिका का संदर्भ देते हुए जीव और अजीव के स्वरूप के साथ आस्रव, बंध, संवर, निर्जरा और मोक्ष तत्वों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि जीव और अजीव के विशिष्ट लक्षणों को जानकर इन तत्वों के प्रति सम्यक श्रद्धान करना चाहिए। सच्चे देव, शास्त्र और गुरु के प्रति अविश्वास तथा अनेक मान्यताओं के बीच भटकाव मिथ्यात्व का कारण बनता है। मिथ्यात्व और अभिमान व्यक्ति के आध्यात्मिक विकास में बाधक हैं।
माता-पिता की सेवा को धर्म का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए मुनिश्री ने कहा कि जीवित माता-पिता की उपेक्षा करना और उनके निधन के बाद केवल औपचारिक सम्मान करना धर्म के वास्तविक स्वरूप को नहीं दर्शाता। अभिषेक और पूजन के साथ माता-पिता की सेवा करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संतान को बड़ा होने के बाद अपने माता-पिता के प्रति दायित्व नहीं भूलना चाहिए। दो भाइयों को भी माता-पिता को आपसी विवाद का विषय बनाने के बजाय उनका सम्मान और सेवा करनी चाहिए।
धर्मसभा में मुनिश्री ने भिंड और पथरिया से आए श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। विरागोदय तीर्थ पथरिया से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी धर्मसभा में शामिल होकर पुण्यार्जन किया।
मंदिर अध्यक्ष राजेंद्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि धर्मसभा में प्रेमचंद दुगेरिया, टीकम पाटनी, जम्बू गोधा, रामबाबू जैन, पारस लुहाड़िया, पारस कासलीवाल, अशोक पापड़ीवाल, राजेंद्र बगड़ा, जोनू बाकलीवाल और मनोज निरक्की सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सुगंधिदेवी, महेंद्र बगड़ा और मौसम त्रिपाल का चौके में विशेष सहयोग मिल रहा है।