आरके पुरम में राम बारात के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने मोहा मन
श्री आरके पुरम बालाजी धाम से शुरू हुई शोभायात्रा के बाद सीता स्वयंवर और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का सजीव मंचन किया गया।
कोटा के आरके पुरम में आयोजित राम बारात शोभायात्रा के दौरान भजनों की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु और समिति के सदस्य।
कोटा के आरके पुरम में रामलीला आयोजन समिति की ओर से निकाली गई राम बारात में भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। सजी-धजी बग्गियों में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप विराजमान थे, जबकि उनके पीछे भरत और शत्रुघ्न की सुसज्जित बग्गियां चल रही थीं। राम-लक्ष्मण सहित चारों भाइयों के स्वरूपों के दर्शन के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए गए और आतिशबाजी की गई। सैकड़ों महिला-पुरुष भजनों की धुन पर नाचते-गाते शोभायात्रा के साथ चले। ‘राम जी की निकली सवारी’, ‘रघुपति राघव राजा राम’ और ‘श्री रामचंद्र कृपालु भज मन’ के भजनों से पूरा वातावरण राममय हो गया।
रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और महामंत्री गिरिराज गौतम ने बताया कि राम बारात श्री आरके पुरम बालाजी धाम से रवाना हुई। शोभायात्रा क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई रामलीला मंचन स्थल पहुंची। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
रामलीला मंचन के दौरान सीता स्वयंवर का प्रसंग भी आकर्षण का केंद्र रहा। समिति की प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पीपी गुप्ता ने बताया कि राजा जनक के दरबार में आयोजित स्वयंवर के प्रसंग का प्रभावशाली मंचन किया गया। अनेक राजाओं के शिव धनुष उठाने में असफल रहने के बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने धनुष उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई। धनुष भंग होते ही पांडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ प्रभु श्रीराम का जयघोष किया।
इसके बाद भगवान परशुराम के आगमन और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन हुआ। लक्ष्मण के ओजपूर्ण प्रत्युत्तर, भगवान परशुराम के क्रोध और श्रीराम की विनम्रता को कलाकारों ने सजीव ढंग से प्रस्तुत किया। संवाद के दौरान कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को बांधे रखा। समिति की प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पीपी गुप्ता ने सीता स्वयंवर के प्रसंग में आरके पुरम के राजा की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रायोजक अतिथियों में नरेंद्र कुमार नंदवाना एवं डॉ. प्रदीप गुप्ता शामिल हुए। अतिथियों के रूप में राधेश्याम पारेता, नरेश कुकरेजा और कुलदीप सनाढ्य भी उपस्थित रहे। विष्णु नारायण, सत्य प्रकाश शर्मा, चंद्रप्रकाश महेश्वरी, मांगीलाल पांचाल, सत्यनारायण शर्मा, मनोज शर्मा, एन के गुप्ता और बीके विजय सहित समिति के पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने भगवान श्रीराम की आरती कर वंदना की।
आरके पुरम में राम बारात की भव्य शोभायात्रा, सीता स्वयंवर के मंचन और परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने धार्मिक आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। भजनों, जयकारों, पुष्पवर्षा और आरती के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के विभिन्न प्रसंगों का आनंद लिया।