रामेश्वर महादेव मंदिर में महाअष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।

कोटा। शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर न्यू जवाहर नगर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा और विधि-विधान के साथ 51 कन्याओं का पूजन किया गया। मंदिर समिति की महिला सदस्यों ने कन्याओं का सम्मान कर मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और बेटियों को शिक्षित, समर्थ एवं आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान सभी 51 कन्याओं के पैर पखारे गए। इसके बाद उनके माथे पर चंदन का तिलक लगाकर आरती उतारी गई। कन्याओं को दुपट्टा ओढ़ाकर उपहार और दक्षिणा भेंट की गई तथा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की संयोजिका चेतना गर्ग, सुनीता जोशी एवं मोनिका विजयवर्गीय ने बताया कि सनातन धर्म में कन्या पूजन का विशेष आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व है। कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का साक्षात प्रतीक मानकर उनकी आराधना की जाती है। यह परंपरा समाज में नारी शक्ति के प्रति सम्मान और श्रद्धा बढ़ाने के साथ बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का सशक्त संदेश देती है।

कन्याओं को संबोधित करते हुए संयोजिकाओं ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की रीढ़ हैं। आज बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षित, समर्थ और आत्मनिर्भर बनाना ही मां भगवती की सच्ची उपासना है।

इस अवसर पर प्रतिमा मिश्रा, अंशिका सक्सेना, हेमा पारेता, पूजा पारेता, नीरज चौधरी, कल्पना चौधरी, पिंकी जैन, कृष्णा चौधरी, सुमन, अनीता व्यास, सुलोचना, बादाम जांगिड़, रीना जांगिड़, योगेश जोशी, महेंद्र विजयवर्गीय, अशोक निर्मल और रिंकू जांगिड़ सहित मंदिर समिति के कई कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। रामेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित इस कन्या पूजन कार्यक्रम के माध्यम से मातृशक्ति के सम्मान और बेटियों को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।

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