कोटा के एमपीएस में विजयादशमी महोत्सव पर मौजूद अतिथि, शिक्षक व बच्चे

कोटा के महेश्वरी पब्लिक स्कूल (एमपीएस) परिसर में विजयादशमी पर रावण दहन महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। 15 फीट ऊंचे रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के दहन के साथ अहंकार और अधर्म के अंत का संदेश दिया गया। रंग-बिरंगी आतिशबाजी और श्रीराम के जयघोष से विद्यालय का मैदान गूंज उठा। समारोह में विद्यार्थियों ने भगवान शिव और श्रीराम की महिमा पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों और नृत्य-नाटिका के माध्यम से सांस्कृतिक रंग जमाया।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शिव की पूजा-अर्चना और भजनों के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने भगवान शिव और श्रीराम की महिमा पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। महोत्सव के दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के 15 फीट ऊंचे पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजी के बीच उपस्थित लोगों ने श्रीराम के जयघोष के साथ विजयादशमी का उत्सव मनाया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए माहेश्वरी समाज कोटा के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है। जीवन में सफलता और सम्मान पाने के लिए सत्य के मार्ग पर चलना तथा मर्यादाओं का पालन करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सत्य, सदाचार और अनुशासन अपनाना चाहिए।

समाज के उपाध्यक्ष नंद किशोर काल्या ने कहा कि विजयादशमी की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम अपने भीतर की बुराइयों और विकारों को समाप्त करने का संकल्प लें। समाज के मंत्री बिट्ठल दास मूंदड़ा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा और आदर्शों का सर्वोत्तम उदाहरण है।

समारोह में नवनिर्वाचित कोटा महापौर अनसुइया गोस्वामी भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मंत्री बिठ्ठलदास मूंदडा, उपाध्यक्ष नंदकिशोर काल्या, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र शारदा, स्कूल प्रशासक राजेंद्र कुमार जैन, प्राचार्य अमित कुमार शर्मा और उपप्राचार्य भक्ति निगम ने अतिथियों का तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर स्वागत किया।

विद्यालय के प्राचार्य अमित कुमार शर्मा ने स्कूल की प्रगति और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति और सनातन संस्कारों से जुड़े रहने का संदेश दिया।

समारोह के समापन पर राजेश कृष्ण बिरला सहित अतिथियों ने बालभवन की शिक्षिकाओं द्वारा तैयार किए गए रावण परिवार के पुतलों और नन्हे-मुन्ने बच्चों की झांकी की सराहना की। महेश्वरी पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित इस महोत्सव में रावण दहन के साथ विद्यार्थियों को सत्य, मर्यादा, सदाचार, अनुशासन और चरित्र निर्माण के महत्व का संदेश दिया गया।

Tags: