कोटा में जीतो यूथ विंग का 'धंधे की बात 2.0' आयोजित, MSME नियमों पर हुई चर्चा
80 से अधिक युवा उद्यमियों ने नेटवर्किंग और कारोबार विस्तार के सीखे गुर, एमएसएमई पोर्टल और 45 दिनों में भुगतान नियम पर दी गई विस्तृत जानकारी।
तस्वीर में कोटा में आयोजित धंधे की बात कार्यक्रम के दौरान सभागार में उपस्थित लोग।
कोटा। युवाओं को व्यवसाय के क्षेत्र में नए अवसरों से जोड़ने और आपसी नेटवर्किंग के जरिए कारोबार विस्तार की संभावनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से जीतो कोटा यूथ विंग की ओर से ‘धंधे की बात 2.0’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 80 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन में एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े नियमों, उपलब्ध सुविधाओं, कारोबार विस्तार और व्यवसायियों के लिए उपयोगी सरकारी व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की गई।
आयोजक सिद्धार्थ जैन एवं अक्षत बाबरिया ने बताया कि कार्यक्रम में कारोबार से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं के साथ-साथ एमएसएमई क्षेत्र से संबंधित नियमों, उपलब्ध सुविधाओं और व्यवसायियों के लिए उपयोगी सरकारी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
जीतो कोटा चेयरमैन पंकज सेठी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा उद्यमियों और व्यवसायियों को एक-दूसरे से जोड़ना तथा उन्हें अपने उत्पाद, सेवाओं और कारोबारी गतिविधियों के विस्तार के लिए नेटवर्किंग का प्रभावी मंच उपलब्ध कराना रहा।
मुख्य अतिथि गोविंदराम मित्तल ने एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े मौजूदा प्रावधानों की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को बताया कि व्यवसायियों के लिए अपने उद्यम का विधिवत पंजीकरण और सरकारी व्यवस्थाओं की जानकारी रखना उपयोगी है। उन्होंने बताया कि उद्यम पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन और नि:शुल्क है तथा सरकारी एमएसएमई पोर्टल के अनुसार पंजीकरण के माध्यम से विभिन्न योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच आसान होती है। उद्यम पोर्टल को सरकारी ई-मार्केटप्लेस और अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं से भी जोड़ा गया है, जिससे एमएसएमई को बाजार और सरकारी खरीद से जुड़े अवसरों तक पहुंच मिल सकती है।
भुगतान में देरी को लेकर भी प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को खरीदार द्वारा भुगतान निर्धारित अवधि में किया जाना चाहिए और यह अवधि आपसी लिखित समझौते के बावजूद 45 दिनों से अधिक नहीं हो सकती। भुगतान में 45 दिन से अधिक की देरी होने पर पात्र सूक्ष्म एवं लघु उद्यम माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल (MSEFC) के माध्यम से अपने बकाया भुगतान के लिए कार्रवाई कर सकते हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि विलंबित भुगतान से संबंधित मामलों के लिए केंद्र सरकार के एमएसएमई मंत्रालय ने एमएसएमई समाधान व्यवस्था उपलब्ध कराई है। इसके माध्यम से पात्र सूक्ष्म एवं लघु उद्यम विलंबित भुगतान से संबंधित शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, संबंधित MSEFC को ऐसी शिकायत के पंजीकरण की प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी करनी होती है।
जीतो कोटा यूथ विंग चेयरमैन सीए सिद्धार्थ जैन ने बताया कि कार्यक्रम का एक्टिविटी सेशन प्रतिभागियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा। सीए प्रीतम गोस्वामी ने नेटवर्किंग को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया और बताया कि व्यवसायियों के बीच संपर्क किस प्रकार संभावित कारोबारी अवसरों में परिवर्तित हो सकते हैं।
कार्यक्रम में जेसीआई कोटा एचीवर्स के अध्यक्ष अक्षत बाबरिया जैन अपनी टीम के साथ शामिल हुए। आयोजन में प्रतिभागियों ने अपने व्यवसायों के प्रचार-प्रसार और परिचय के लिए स्टॉल्स, ब्रोशर्स तथा बिजनेस कार्ड्स का उपयोग किया। इससे प्रतिभागियों को अपने उत्पाद एवं सेवाओं की जानकारी अन्य व्यवसायियों तक पहुंचाने और नए कारोबारी संपर्क बनाने का अवसर मिला। कार्यक्रम के माध्यम से एमएसएमई नियमों की समझ के साथ कारोबार विस्तार और नेटवर्किंग के व्यावहारिक अवसरों पर युवाओं का ध्यान केंद्रित हुआ।