जेईई एडवांस्ड 2026: एलन के विद्यार्थियों ने हासिल की ऐतिहासिक सफलता

जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणामों में गया के शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है, जबकि संस्थान के कई अन्य छात्रों ने टॉप-10 में जगह बनाई है।

Update: 2026-06-02 14:30 GMT

जेईई एडवांस्ड 2026 में ऑल इंडिया रैंक-8 हासिल करने वाले कनिष्क जैन, जिन्होंने अपनी सफलता का श्रेय प्रभावी अध्ययन को दिया है।

जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणामों में एलन क्लासरूम के विद्यार्थियों ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। गया, बिहार के रहने वाले शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक अर्जित कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। जेईई मेन में 100 परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक-6 हासिल कर चुके शुभम की इस उपलब्धि ने लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय लिखा है। शुभम के पिता शिवकुमार हार्डवेयर व्यवसायी हैं और मां कंचन देवी गृहिणी हैं। आईआईटी पटना में कंप्यूटर साइंस की छात्रा अपनी बड़ी बहन से प्रेरित शुभम ने सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन, निरंतर अनुशासन और परिवार के त्याग को दिया है। दैनिक छह से आठ घंटे की सेल्फ-स्टडी और टॉपिक्स के गहन रिवीजन को अपनी दिनचर्या का आधार बनाने वाले शुभम अब आईआईटी मुंबई की कंप्यूटर साइंस ब्रांच में प्रवेश लेंगे।

सफलता की इसी कड़ी में गुरुग्राम के कबीर छिल्लर ने ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल की है। 300 में से 300 अंक प्राप्त कर जेईई मेन में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर चुके कबीर ने सेल्फ-स्टडी की गुणवत्ता और सटीक रणनीति को अपनी सफलता का आधार बताया। आईआईटीयन पिता मोहित छिल्लर और शिक्षिका मां प्रियंका छिल्लर के पुत्र कबीर का लक्ष्य आईआईटी मुंबई से बीटेक करने के बाद एमआईटी से उच्च शिक्षा प्राप्त करना है। इसी प्रकार, राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छोटे से गांव गोठ के निवासी जतिन कुमार चाहर ने ऑल इंडिया रैंक-3 हासिल कर ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों के लिए एक मिसाल पेश की है। बीएसएफ में कार्यरत पिता दिनेश चाहर और माता मोनिका कुमारी के पुत्र जतिन छह साल से एलन से जुड़े हैं। चारों ओलंपियाड्स के ओसीएससी कैंप तक पहुंचने वाले जतिन ने विषयों की गहन समझ और मॉक टेस्ट के माध्यम से निरंतर सुधार पर जोर दिया है।

कोटा के अर्णव गौतम ने ऑल इंडिया रैंक-7 हासिल की है। 2023 से 2025 तक विभिन्न ओलंपियाड्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले अर्णव का मानना है कि कोचिंग का सही मार्गदर्शन प्रतिभा को निखारने के लिए आवश्यक है। कनिष्क जैन ने ऑल इंडिया रैंक-8 प्राप्त की है, जिनका चयन पहले ही एमआईटी के लिए हो चुका है। इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में गोल्ड मेडल विजेता कनिष्क ने इफेक्टिव स्टडी पर ध्यान केंद्रित किया। दिल्ली के दर्श सिक्का ने ऑल इंडिया रैंक-10 हासिल की है। ईएनटी सर्जन पिता डॉ. कबीर सिक्का और न्यूरो एनेस्थेसिस्ट मां डॉ. आशी बिंद्रा के पुत्र दर्श ने मैथ्स में अपनी रुचि को सफलता का मुख्य कारण बताया। इन मेधावियों ने साबित किया है कि सही गाइडेंस, अनुशासित जीवनशैली और कठिन चुनौतियों को मोटिवेशन में बदलने की क्षमता से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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