तस्वीर में मंदिर परिसर में पूजा करते श्रद्धालुओं का समूह दिखाई दे रहा है।

जैन धार्मिक आयोजन के दौरान मित्तल, प्रेम कासलीवाल, संजय लुहाड़िया, डॉ. संतोष, जम्बू, रानी दुगेरिया एवं सुशीला ठोरा सहित पांच अन्य श्रद्धालुओं ने पुण्यार्जन किया। आयोजन में भक्तामर विधान और तत्त्वार्थ सूत्र के पुण्यार्जन के साथ आहारदान एवं मंगलाचरण के धार्मिक अवसर भी संपन्न हुए।

भक्तामर विधान का पुण्यार्जन श्रीमती किश्कन्धा बाई, जम्बू कुमार जी एवं भानु जी द्वारा श्रद्धापूर्वक किया गया। वहीं तत्त्वार्थ सूत्र का पुण्यार्जन श्रीमती अर्चना जैन सर्राफ द्वारा किया गया।

श्री सुनील माडिया ने बताया कि मुनि श्री योगसागर जी महाराज के आहारदान का सौभाग्य श्री देवकरण जी एवं श्रीमती सुलोचना जी, रोपा वाले परिवार को प्राप्त हुआ। इसी क्रम में श्री दर्शन बरमुंडा ने बताया कि मुनि श्री प्रणवसागर जी महाराज के आहारदान का सौभाग्य श्रीमान कमलेश जी सोगानी को प्राप्त हुआ।

ज्येष्ठ-श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर श्रीमान प्रकाश जी एवं श्रीमती इंदिरा जी द्वारा मंगलाचरण का पुण्य अवसर प्राप्त किया गया। धार्मिक आयोजन में विभिन्न श्रद्धालुओं ने पुण्यार्जन, आहारदान और मंगलाचरण के अवसरों में सहभागिता निभाई।

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