गुरु पूर्णिमा पर श्री अमरापुर स्थान जयपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों शिष्यों ने की गुरु पूजा
श्री अमरापुर स्थान जयपुर में गुरु पूर्णिमा पर हजारों शिष्यों ने गुरु पूजा की, सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज का आशीर्वाद लिया।
तस्वीर में श्री अमरापुर स्थान, जयपुर के भीतर गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सत्संग और पूजा के दौरान बैठे हुए हजारों श्रद्धालु और संत नजर आ रहे हैं।
जयपुर स्थित आस्था के पावन केंद्र श्री अमरापुर स्थान में गुरु पूर्णिमा का महापर्व श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे हजारों शिष्यों ने गुरुदेव सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज के दर्शन कर गुरु पूजा की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रातः 6 बजे श्री विग्रह सद्गुरु टेऊँराम जी महाराज, भगवान श्री लक्ष्मी नारायण जी एवं लाडले लड्डू गोपाल जी का मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद विग्रहों को नवीन पोषक धारण करवाए गए तथा सूखे मेवे और इलायची की माला पहनाई गई। भजन-सत्संग के माध्यम से संत महात्माओं ने गुरु की महिमा का गुणगान किया।
प्रातः 10 बजे प्रेम प्रकाश मंडलाध्यक्ष पूज्य गुरुदेव सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज की अमृतमय वाणी में श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया। गुरुदेव ने अपनी वाणी में कहा कि आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊराम जी महाराज की अनंत कृपा सभी पर बरस रही है। उन्होंने कहा कि हम उनकी चरणों की धूल के बराबर हैं और उनकी चरण शरण में जाने से जन्म-जन्मान्तर के सभी पाप कट जाते हैं।
गुरुदेव सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज ने कहा कि वर्तमान में कलयुग का समय चल रहा है, जिसकी उम्र कई हजारों वर्ष है। उन्होंने बताया कि गुरु के नाम का सुमरन ही इस भवसागर से पार उतारने का आधार है। उन्होंने कहा, “कलयुग केवल नाम आधारा, सुमर सुमर नर उतरे पारा।”
गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में शीश निवाया। देश-विदेश से आए शिष्यों ने गुरुदेव को केसर तिलक लगाया, नारियल और मिश्री भेंट की तथा गुरु चरणों में मस्तक झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु-शिष्य परंपरा के इस महान उत्सव पर शिष्यों ने गुरुदेव को बारंबार नमन करते हुए सदैव उनका साथ बनाए रखने की कामना की।
श्री अमरापुर स्थान में मंगलवार शाम से ही गुरु भक्तों का आगमन शुरू हो गया था। जयपुर सहित देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव के दर्शन, दीदार और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे। भक्तों ने भक्ति भाव से गुरु पूजा कर गुरु महाराज का महाप्रसाद ग्रहण किया।
संतों ने बताया कि देश-विदेश से आए यात्रियों को लाने-ले जाने, भोजन प्रसाद बनाने, जूता घर, पार्किंग सेवा, जल सेवा, सफाई सेवा, भोजन खिलाने, बर्तन धोने और अन्य प्रमुख सेवाओं में हजारों सेवादार निस्वार्थ भाव से जुटे रहे। गुरु पूर्णिमा के आयोजन में सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया और महाप्रसाद ग्रहण किया।