राहुल गांधी पर मदन राठौड़ का तीखा हमला, कांग्रेस की अंदरूनी कलह, यूसीसी और पेपरलीक कानून पर कही बड़ी बात
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राहुल गांधी, कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति, यूसीसी और पेपरलीक कानून पर बड़ा बयान दिया। जानिए उन्होंने क्या कहा।
तस्वीर में भाजपा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एक बैठक के दौरान मेज के पास हाथ जोड़े बैठे हुए हैं और सामने माइक रखा हुआ है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजस्थान की राजनीति, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की समझ अभी भी परिपक्व नहीं हुई है और वे बचकानी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि जिस घटना को लेकर राहुल गांधी बयान दे रहे हैं, उसमें बच्चों पर कोई हमला नहीं हुआ। उनके अनुसार आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व घुस आए थे, जिन्होंने भारत विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। जैसे ही वहां राष्ट्रविरोधी गतिविधियां और प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां होने लगीं, छात्र वहां से निकल गए। उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों को रोकना आवश्यक था और विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है।
मदन राठौड़ ने विद्यार्थियों से जुड़े विषय पर कहा कि छात्रों के जीवन के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संशोधित कानून में पेपरलीक जैसे अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस विभिन्न मानसिकताओं का गठबंधन बनकर रह गई है और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर लगातार खींचतान चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और सचिन पायलट सहित कई नेताओं की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं आपस में टकरा रही हैं। राठौड़ ने कहा कि डोटासरा और गहलोत के बीच चल रही खींचतान अब सार्वजनिक रूप से उजागर हो गई है। उनके अनुसार डोटासरा ने पूर्व मंत्री मालवीया को स्पष्ट कर दिया कि व्यक्तिवाद करने वालों ने ही पहले कांग्रेस को हराया था। उन्होंने कहा कि डोटासरा अपने ही नेताओं पर पार्टी को हराने का आरोप लगा रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि अब डोटासरा को लग रहा है कि वे दावेदार हो सकते हैं, गहलोत को लगता है कि उनकी जमीन खिसक रही है, जूली को लगता है कि वे प्रभावी हो सकते हैं और सचिन पायलट भी घात लगाकर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सोच राष्ट्रहित की बजाय व्यक्तिगत हितों तक सीमित है।
राठौड़ ने विपक्ष पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर विपक्ष सामूहिक मंत्रिमंडलीय जवाबदेही की बात करता है, वहीं जब मंत्री सदन में जवाब दे देते हैं तो विपक्ष नई मांग कर देता है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर भाजपा का पक्ष रखते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी की स्पष्ट मान्यता है कि देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए और सभी को समान अधिकार एवं सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के समय भी कई राष्ट्रीय नेताओं ने यूसीसी लागू करने की वकालत की थी तथा सर्वोच्च न्यायालय भी कई अवसरों पर इसे लागू करने की आवश्यकता जता चुका है। राठौड़ ने कहा कि यूसीसी भाजपा के प्रमुख एजेंडे का हिस्सा है। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी, कांग्रेस की आंतरिक राजनीति, पेपरलीक पर संशोधित कानून और यूसीसी को लेकर भाजपा का पक्ष विस्तार से रखा।