मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्री ओम बन्ना मंदिर के लिए भूमि आवंटन पर जताया आभार, धार्मिक स्थलों के विकास को मिलेगी नई गति

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्री ओम बन्ना मंदिर के लिए भूमि आवंटन पर आभार जताते हुए धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज वॉक वे और आस्था स्थलों के विकास की बड़ी योजनाओं की घोषणा की।

Update: 2026-07-31 14:43 GMT

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर श्री ओम बन्ना मंदिर के लिए भूमि आवंटन पर आभार व्यक्त करने पहुंचे जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में पग-पग पर आस्था धाम हैं और अनेक महापुरुषों ने अपने पुरुषार्थ से लोकहितकारी कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान शौर्य और पराक्रम की भूमि होने के साथ-साथ आस्था और विश्वास की भी पावन धरती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री ओम बन्ना के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है और उन्हें सड़क दुर्घटनाओं से रक्षा करने तथा मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले लोकदेव के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है। उन्होंने बताया कि पाली जिले के चोटीला स्थित श्री ओम बन्ना मंदिर के विस्तार और सुव्यवस्थित विकास के लिए राज्य सरकार ने भूमि आवंटित की है। इससे मंदिर परिसर का समुचित विकास होगा और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी-विरासत भी’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। बीते ढाई वर्षों में विरासत स्थलों और आस्था धामों के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पृथ्वीराज चौहान, मीरा बाई, राणा सांगा, हाड़ी रानी और वीर शिरोमणि राव चंद्रसेन सहित अनेक महापुरुषों के पैनोरमाओं का निर्माण कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में धार्मिक पर्यटन को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा, केशोरायपाटन, डीग और चित्तौड़गढ़ जैसे धार्मिक शहरों में हेरिटेज वॉक वे का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही किराडू के मंदिर समूह के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के कार्य किए जाएंगे तथा शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण के लिए भी कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि पाली के श्री करूणामूर्ति धाम और ब्यावर के मकरमंडी माताजी मंदिर में विकास कार्य कराए जाएंगे। राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत एक लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा करवा चुकी है। इस वर्ष भी हजारों वरिष्ठ नागरिकों को हवाई मार्ग से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ तथा एसी ट्रेन से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कराया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देवस्थान विभाग के अधीन खाली भूमि पर धर्मशालाओं के निर्माण एवं संचालन के लिए नई नीति बनाई जाएगी। साथ ही दीपावली, होली, शिवरात्रि, रामनवमी और गुरु पूर्णिमा जैसे त्योहारों पर मंदिरों में विशेष साज-सज्जा और आरती के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आस्था का सम्मान होता है, वहां संस्कृति सशक्त होती है, समाज संगठित होता है और विकास को नई दिशा मिलती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजते हुए विकसित, समृद्ध और गौरवशाली राजस्थान के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पानी और बिजली के क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतार रही है, जिससे इनकी उपलब्धता बढ़ रही है। मजबूत फैसलों से पेपरलीक पर लगाम लगाई गई है तथा युवाओं के लिए रिकॉर्ड भर्तियों के साथ स्वरोजगार के समुचित अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में विधायक पुष्पेन्द्र सिंह राणावत, कार्यक्रम के आयोजक भाजपा के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, मारवाड़ राजपूत सभा के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा, श्री ओम बन्ना के पुत्र महान पराक्रम वीर सिंह सहित राजपूत समाज के बड़ी संख्या में प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

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