राजस्थान पुलिस अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का संयुक्त प्रशिक्षण संपन्न, पुलिस प्रशिक्षण को मिलेगी नई दिशा
राजस्थान पुलिस अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का तीन दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न। 42 प्रशिक्षकों को आधुनिक पुलिस प्रशिक्षण की नई तकनीकों से किया गया प्रशिक्षित।
तस्वीर में राजस्थान पुलिस अकादमी परिसर
राजस्थान पुलिस में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को अधिक प्रभावी, आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए), जयपुर तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात के संयुक्त तत्वावधान में 'ट्रेनिंग नीड एनालिसिस' विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 29 से 31 जुलाई, 2026 तक राजस्थान पुलिस अकादमी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को वैज्ञानिक आधार पर अधिक सुदृढ़ और समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि उप महानिरीक्षक पुलिस एवं अतिरिक्त निदेशक, राजस्थान पुलिस अकादमी श्री शंकर दत्त शर्मा रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रो-वाईस चांसलर श्री कल्पेश वांड्रा तथा डीन (एक्रेडिटेशन) श्री अविनाश खरेल ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। दोनों अधिकारियों ने पुलिस प्रशिक्षण के बदलते स्वरूप, आधुनिक आवश्यकताओं तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सतत सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में श्री शंकर दत्त शर्मा ने कहा कि सिस्टमैटिक ट्रेनिंग अप्रोच (Systematic Training Approach) का सबसे महत्वपूर्ण आधार ट्रेनिंग नीड एनालिसिस है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण आवश्यकताओं की वैज्ञानिक पहचान के बिना प्रभावी प्रशिक्षण की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान पुलिस अकादमी देश के अग्रणी पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में अपना विशिष्ट स्थान रखती है और ऐसे नवाचारपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिसिंग की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार लाएंगे।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने राजस्थान पुलिस अकादमी के 42 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण आवश्यकताओं के विश्लेषण, प्रशिक्षण मॉड्यूल के विकास, आधुनिक शिक्षण तकनीकों, मूल्यांकन प्रणाली तथा क्षमता निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक एवं सहभागितापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श और अनुभव साझा किए गए, जिससे प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणाम-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए।
उल्लेखनीय है कि महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन तथा राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक श्री संजीव कुमार नार्जारी के निर्देशन में राजस्थान पुलिस अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के मध्य पिछले कुछ समय से प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा क्षमता निर्माण से संबंधित अनेक संयुक्त गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इसी क्रम में राजस्थान पुलिस अकादमी के प्रशिक्षक पुलिस निरीक्षक श्री धीरज वर्मा को मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आयोजित पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में अपने 100 घंटे के सामुदायिक सहभागिता अनुभव एवं सुरक्षा संबंधी विभिन्न आयामों को प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भेजा गया था। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा राजस्थान पुलिस अकादमी के विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के अद्यतन एवं आधुनिकीकरण का कार्य भी किया गया है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर राजस्थान पुलिस अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने भविष्य में भी पुलिस प्रशिक्षण, अनुसंधान, क्षमता निर्माण तथा आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संयुक्त रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। दोनों संस्थानों का यह सहयोग राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षण तंत्र को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।