कांवड़ यात्रा 2026: राजस्थान पुलिस ने जारी की सख्त गाइडलाइन, यात्रियों और अधिकारियों को दिए अहम निर्देश

राजस्थान पुलिस ने हरिद्वार कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर यात्रियों और पुलिस अधिकारियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। पहचान पत्र, यात्रा मार्ग, प्रतिबंधित गतिविधियों, सुरक्षा प्रबंधन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और यातायात व्यवस्था से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्देश जानिए।

Update: 2026-07-31 06:50 GMT

जयपुर, 30 जुलाई। हरिद्वार जाने और वहां से लौटने वाले राजस्थान के कांवड़ यात्रियों के लिए राजस्थान पुलिस ने कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था श्री वी.के. सिंह ने सभी संबंधित जिला पुलिस अधिकारियों को हरिद्वार कांवड़ यात्रा के दौरान आपसी समन्वय, सतर्कता और प्रभावी पुलिस प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था श्री वी.के. सिंह ने बताया कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे। राजस्थान से भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्थान पुलिस ने कांवड़ यात्रियों से यात्रा के दौरान अपना मूल एवं वैध पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी, अनिवार्य रूप से साथ रखने को कहा है। यात्रियों को केवल निर्धारित पारंपरिक कांवड़ मार्गों तथा वैकल्पिक नहर पटरी मार्गों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन पर देने, संवेदनशील स्थलों पर पुलिस द्वारा की जा रही एंटी-सबोटाज एवं चेकिंग कार्रवाई में पूर्ण सहयोग करने तथा व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और अन्य यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान हॉकी, डंडे, त्रिशूल, बेसबॉल बैट या किसी भी प्रकार के हथियार अथवा नुकीली वस्तु साथ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ या शराब का सेवन सख्त वर्जित होगा। नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों का पैदल अथवा वाहनों से आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा मालवाहक वाहनों, जैसे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली, में यात्रियों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक तेज आवाज वाले डी.जे. सिस्टम तथा धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गानों और नारों पर भी पूर्ण रोक रहेगी।

निर्देशों के अनुसार खाना बनाने के लिए वाहनों में एलपीजी सिलेंडर या इसी प्रकार की सामग्री ले जाना प्रतिबंधित रहेगा, क्योंकि इससे आगजनी या दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रेलगाड़ियों या बस, ट्रक सहित अन्य वाहनों की छत पर बैठकर यात्रा करना पूर्णतः वर्जित एवं दंडनीय होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों पर यातायात बाधित करने वाली मानक से अधिक बड़े आकार की कांवड़ या झांकियां निकालने की भी अनुमति नहीं होगी।

फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों के लिए भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। एडीजी कानून एवं व्यवस्था श्री वी.के. सिंह ने सभी पुलिस अधीक्षकों और उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वाहन टकराने, पार्किंग या मामूली विवाद की सूचना मिलने पर निकटतम पुलिस टीम 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचे, ताकि छोटे विवाद बड़ा रूप न ले सकें।

उन्होंने 24 घंटे सातों दिन सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए कहा कि फर्जी या पुराने वीडियो तथा अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। किसी भी भ्रामक खबर का जिला पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक घंटे के भीतर खंडन जारी किया जाएगा।

यातायात व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार का अघोषित रूट डायवर्जन नहीं किया जाएगा। रूट डायवर्जन योजना 48 घंटे पहले मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी तथा एम्बुलेंस और अन्य आपात सेवाओं के लिए 'एम्बुलेंस कॉरिडोर' सुरक्षित रखा जाएगा।

डी.जे. संचालन को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। अनुमति जारी करने से पहले ऑडियो की स्क्रीनिंग की जाएगी तथा बिना अनुमति संचालित या निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज वाले डी.जे. सिस्टम तत्काल जब्त किए जाएंगे।

निर्देशों के अनुसार मिश्रित और संवेदनशील क्षेत्रों से कांवड़ यात्रा गुजरने के दौरान छतों पर पुलिस बल तैनात रहेगा तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके साथ ही सीएलजी और शांति समितियों की बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।

सेवा शिविरों के संबंध में कहा गया है कि सामाजिक संगठनों द्वारा लगाए जाने वाले सेवा टेंट मुख्य सड़क मार्ग से पर्याप्त दूरी पर स्थापित किए जाएं, ताकि यातायात प्रभावित न हो। महिला कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

इसके अतिरिक्त कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर सघन एंटी-सबोटाज चेकिंग तथा प्रभावी नाकाबंदी करने, पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान बनाए रखने, श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशीलता और सेवा भाव से व्यवहार करने, शुरुआती प्वाइंट्स पर प्रभावी चेकिंग एवं समझाइश की कार्रवाई करने तथा कांवड़ियों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के बीच किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिसकर्मियों द्वारा स्थानीय स्तर पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन व्यापक दिशा-निर्देशों का उद्देश्य कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना है।

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