राजस्थान ने रचा नया इतिहास, भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में देश का पहला आरईई एक्सप्लोरेशन लाइसेंस निष्पादित

राजस्थान ने देश का पहला आरईई एक्सप्लोरेशन लाइसेंस निष्पादित कर नया इतिहास रचा। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 207.63 वर्ग किमी क्षेत्र में वैज्ञानिक अन्वेषण को मिलेगी गति।

Update: 2026-07-29 12:35 GMT

तस्वीर में मंच पर बने पोडियम से भाषण देते राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जिनके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पोस्टर लगा है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राजस्थान ने खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए रेयर अर्थ एलिमेंट (आरईई) एवं एसोसिएटेड खनिजों के देश के पहले एक्सप्लोरेशन लाइसेंस का निष्पादन किया है। मुख्यमंत्री स्वयं खान मंत्री भी हैं और उनके मार्गदर्शन में राज्य का खान एवं भूविज्ञान विभाग माइनिंग सेक्टर में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में भी राजस्थान पूरे देश में पहले स्थान पर बना हुआ है।

राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां आरईई की खोज के लिए एक्सप्लोरेशन लाइसेंस जारी किया गया है। वर्ष 2024 में केन्द्र सरकार ने क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरलों के खोज एवं खनन कार्य को गति देने के उद्देश्य से नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद वर्ष 2025 में पहले चरण में देशभर में एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की नीलामी आरंभ हुई। इसी चरण में केन्द्र सरकार ने बालोतरा और जोधपुर के नवातला-देवीगढ़, तहसील पचपदरा और शेरगढ़ के 207.63 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आरईई-एसोसिएटेड मिनरलाइजेशन के लिए सफल नीलामी की। इस क्षेत्र में लैंथेनम, सीरियम, प्रजोडायमियम और नियोडिमियम सहित रेयर अर्थ एलिमेंट के संकेत मिले हैं। नीलामी में मैसर्स सेन्ट्रल माईन एण्ड डिजाईन इंस्टीट्यूट लिमिटेड के सफल रहने पर राज्य सरकार ने एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की स्वीकृति जारी की।

इसके बाद खान विभाग ने मैसर्स सेन्ट्रल माईन प्लानिंग एण्ड डिजाईन इंस्टीट्यूट लिमिटेड के साथ संविदा का निष्पादन किया। इस अवसर पर निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा, अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर तथा मैसर्स सेन्ट्रल माईन प्लानिंग एण्ड डिजाईन इंस्टीट्यूट के विभागाध्यक्ष बिजनस डवलपमेंट विक्रान्त गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने संविदा निष्पादित की। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश में देश के पहले आरईई एक्सप्लोरेशन लाइसेंस का निष्पादन राज्य सरकार की माइनिंग सेक्टर के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। साथ ही इसे भारत के खनिज अन्वेषण क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक भी बताया गया है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस अपर्णा अरोरा ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जिसके द्वारा नीलाम किए गए एक्सप्लोरेशन लाइसेंस ब्लॉक का निष्पादन किया गया है। उन्होंने कहा कि रेयर अर्थ एलिमेंट आधुनिक प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, अंतरिक्ष, अक्षय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज हैं। इस ब्लॉक के निष्पादन से इन महत्वपूर्ण खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण को गति मिलने के साथ निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा तथा देश की क्रिटिकल मिनरल सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज क्षेत्र में पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और आधुनिक खनिज प्रशासन विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। देश के पहले आरईई एक्सप्लोरेशन लाइसेंस का निष्पादन राजस्थान के खनिज क्षेत्र की इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज किया गया है।

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