पर्यटन परियोजनाओं को तेजी देने के निर्देश, दिया कुमारी ने बजट घोषणाओं और बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की

जयपुर में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में बजट घोषणाओं, पर्यटन परियोजनाओं, शेखावाटी योजना और बड़े विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।

Update: 2026-07-29 07:40 GMT

तस्वीर में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी पर्यटन भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की चर्चा सुनती हुईं।

जयपुर में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को पर्यटन भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन विभाग की ओर से संचालित विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं तथा बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राजस्थान पर्यटन को विश्व स्तरीय गंतव्य बनाने की दिशा में चल रहे कार्यों को गति देने के निर्देश देते हुए कहा कि बड़े पर्यटन विकास परियोजनाओं का शीघ्र शिलान्यास कर उन्हें धरातल पर प्रारंभ किया जाए तथा सभी लंबित प्रक्रियाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत, पर्यटन सचिव श्रीमती शुचि त्यागी, पर्यटन आयुक्त श्रीमती रुक्मणी रियाड़, पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक श्री आनंद त्रिपाठी, अतिरिक्त निदेशक श्री पवन जैन, श्री राजेश शर्मा सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री को बताया गया कि CMIS पोर्टल के अनुसार वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक की कुल 72 बजट घोषणाओं में से 6 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 19 पर कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2026-27 की 23 नई घोषणाओं में से 19 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। पर्यटन विभाग को अब तक 2,094 MoU के माध्यम से ₹1,79,465 करोड़ का प्रस्तावित निवेश प्राप्त हुआ है। इनमें से 1,359 MoU के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा 332 परियोजनाओं का Ground Breaking हो चुका है। दिसंबर 2026 तक 127 MoU के अंतर्गत ₹7,247.87 करोड़ के Ground Breaking का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के समक्ष "शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना 2026" का विस्तृत ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया, जिस पर बिंदुवार गहन चर्चा हुई। योजना के तहत निजी हवेलियों में स्थित अमूल्य फ्रेस्को पेंटिंग के वैज्ञानिक संरक्षण को बढ़ावा देकर पूरे शेखावाटी क्षेत्र को "ओपन आर्ट गैलरी" के रूप में विकसित करने की योजना पर विचार किया गया।

हेरिटेज एवं संग्रहालय परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री को अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के नवीनीकरण प्रोजेक्ट, जयपुर स्थित ऐतिहासिक रविन्द्र मंच के नवीनीकरण के विस्तृत प्रस्ताव तथा राज्य के हेरिटेज प्रोजेक्ट्स में विशेषज्ञता उपलब्ध कराने के लिए हेरिटेज कंसल्टेंट्स के एम्पैनलमेंट संबंधी आदेश जारी किए जाने की प्रगति से अवगत कराया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि कला एवं संस्कृति विभाग का संग्रहालय अधिकारियों का भ्रमण दल आगामी सप्ताह में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, कटक और केवड़िया के प्रमुख संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण करेगा, ताकि वहां की बेस्ट प्रैक्टिसेज को राजस्थान में लागू किया जा सके। बैठक में राजस्थान की ऐतिहासिक बावड़ियों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति के साथ ही विरासत संग्रहालय के विकास के लिए Gap Analysis एवं Building Assessment तैयार किए जाने की जानकारी भी दी गई।

समीक्षा के दौरान जयपुर के विश्व प्रसिद्ध आमेर किले में प्रस्तावित विश्वस्तरीय लाइट एंड साउंड शो की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही ₹206.87 करोड़ की लागत वाले महाराणा प्रताप सर्किट के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में भारत-पाक सीमा पर स्थित जैसलमेर के तनोट माता मंदिर को विश्वस्तरीय आस्था पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे AI इनेबल्ड टूरिज्म ऐप की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा विकसित किए गए पैनोरमा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष गतिविधियों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि पैनोरमा को सामुदायिक धरोहर के रूप में विकसित किया जा सके।

बैठक में लोक आस्था से जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने रामदेवरा मंदिर और मालासेरी सहित धार्मिक महत्व के स्थलों पर पर्यटन विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि इन स्थानों पर आधारभूत सुविधाएं, स्वच्छता, पेयजल और पहुंच मार्ग का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। बैठक में पर्यटन विकास की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।

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