जयपुर में खरीफ 2026 फसल बीमा अधिसूचना जारी, 31 जुलाई तक होगा नामांकन
जयपुर में खरीफ 2026 फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी, गैर ऋणी किसानों के लिए 31 जुलाई तक बीमा नामांकन की प्रक्रिया जानें।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 के लिए फसलों के बीमा की अधिसूचना राज्य सरकार ने जारी कर दी है। भारत सरकार कृषि, सहकारिता एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा जारी परिचालन मार्गदर्शिका की अनुपालना में जारी इस अधिसूचना के अनुसार जयपुर जिले के लिए नेशनल इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को मनोनीत किया गया है। गैर ऋणी कृषकों के लिए खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक शंकर लाल मीणा ने बताया कि खरीफ फसल की बुवाई से कटाई तक लंबी सूखा अवधि, बाढ़, जल प्लावन, कीट एवं व्याधि, भू-स्खलन, बिजली गिरने से प्राकृतिक आग, तूफान, ओलावृष्टि और चक्रवात के कारण उपज में नुकसान तथा फसल कटाई उपरांत खलिहान के लिए खेत में कटाकर छोड़ी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से व्यक्तिगत आधार पर हुए नुकसान के लिए कटाई उपरांत अधिकतम 14 दिन तक समस्त अधिसूचित फसलों के लिए जोखिम स्तर 80 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि ऋणी कृषकों का प्रीमियम उनके ऋणी खातों से स्वतः काट लिया जाएगा। यदि कोई ऋणी कृषक बीमा योजना में फसलों का प्रीमियम नहीं कटवाना चाहता है तो उसे योजना से पृथक रहने के लिए नामांकन की अंतिम तिथि से 7 दिन पूर्व घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा। घोषणा पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा प्रीमियम राशि काट ली जाएगी।
गैर ऋणी एवं बटाईदार कृषक स्वैच्छिक आधार पर योजना में शामिल हो सकते हैं। गैर ऋणी कृषकों को योजना में सम्मिलित होने के लिए आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा कराने होंगे। इनमें भू स्वामित्व के साक्ष्य, लैंड पजेशन प्रमाण पत्र, बैंक खाता संबंधित साक्ष्य, आधार कार्ड की प्रति, एग्री स्टेक आईडी तथा राज्य सरकार द्वारा मांगे जाने वाले अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
गैर ऋणी कृषक खरीफ फसलों के लिए 31 जुलाई और रबी फसलों के लिए 31 दिसंबर तक निकटतम केन्द्रीय सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं, डाकघर एवं सी.एस.सी. के माध्यम से बीमा नामांकन करा सकेंगे। इसके अतिरिक्त बीमा कम्पनी के अधिकृत बीमा एजेन्ट, मध्यस्थ, प्राधिकृत प्रतिनिधि अथवा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (एनसीआईपी) के माध्यम से भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत फसल बीमा कराया जा सकता है।
गैर ऋणी कृषकों के आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में बताया गया है कि राज्य के जिन जिलों के गांवों में लैण्ड रिकॉर्ड का डिजिटलाईजेशन हो चुका है और उनका भारत सरकार के राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल से इंटीग्रेशन किया जा चुका है, वहां अपना खाता पोर्टल से डाउनलोड की गई डिजिटल हस्ताक्षर वाली स्वप्रमाणित जमाबंदी की नकल मान्य होगी।
जिन जिलों के गांवों के लैण्ड रिकॉर्ड का भारत सरकार के राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल से इंटीग्रेशन नहीं किया गया है, वहां पटवारी गिरदावरी और तहसीलदार द्वारा सत्यापित जमाबंदी की नकल ही मान्य होगी। स्व प्रमाणित जमाबंदी की नकल मान्य नहीं होगी।
फसल बीमांकन के लिए गैर ऋणी कृषक के पास ऋणी स्टेटस आईडी होना अनिवार्य है। इसके साथ एक स्व प्रमाणित घोषणा-पत्र देना होगा, जिसमें प्रत्येक खसरा संख्या का कुल क्षेत्र, प्रस्तावित फसल का बुवाई क्षेत्र, मालिक का नाम और मोबाइल नम्बर दर्ज करना होगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की परिचालन मार्गदर्शिका के प्रावधानों के अनुसार ऋणी कृषकों द्वारा बीमित फसल में परिवर्तन की सूचना वित्तीय संस्था (बैंक) को देने की अंतिम तिथि 29 जुलाई अथवा अंतिम तिथि से दो दिवस पूर्व रखी गई है।
संयुक्त निदेशक शंकर लाल मीणा ने बताया कि जयपुर जिले में खरीफ के लिए मूंग, मूंगफली, ज्वार, बाजरा, तिल, मोठ, चंवला एवं उड़द की फसलें अधिसूचित हैं, जिनका बीमा कराया जा सकता है।
खरीफ फसलों में बीमित राशि प्रति हेक्टेयर मूंग के लिए 49,159 रुपये, मूंगफली के लिए 1,54,506 रुपये, ग्वार के लिए 57,207 रुपये, बाजरा के लिए 48,584 रुपये, चंवला के लिए 37,390 रुपये तथा ज्वार के लिए 35,817 रुपये निर्धारित की गई है।
संयुक्त निदेशक शंकर लाल मीणा ने बताया कि फसल क्षति का आकलन व्यक्तिगत बीमित फसल के आधार पर किए जाने का प्रावधान है। प्रभावित बीमित फसल के कृषक को आपदा के 72 घंटे के अंदर कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्प लाइन नम्बर 18003450330 या क्रॉप इन्श्योरेन्स ऐप पर शिकायत दर्ज करानी होगी।
उन्होंने बताया कि यदि 72 घंटे के बाद कृषक द्वारा पूर्ण सूचना प्रेषित नहीं कराई जाती है तो वह कृषक 7 दिवस में पूर्ण सूचना निर्धारित प्रपत्र में संबंधित बीमा कम्पनी को आवश्यक रूप से उपलब्ध कराएगा। हालांकि 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत समय पर नामांकन और क्षति सूचना की प्रक्रिया कृषकों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बीमा लाभ प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।