राईसेम में प्रशिक्षु अधिकारियों से सहकार संवाद, राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 को बताया विकसित भारत 2047 का रोडमैप
राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 पर राईसेम में प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद हुआ, जबकि जयपुर में विशेष आमसभा में पांच वर्षीय कार्ययोजना और सहकारिता आंदोलन को गति देने का संकल्प लिया गया।
राईसेम संस्थान जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर पोडियम से संबोधित करते एक अधिकारी और बैठे हुए अन्य अतिथि।
सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सहकार सप्ताह कार्यक्रम के तहत झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राईसेम संस्थान में श्रम एवं रोजगार विभाग, उद्योग विभाग, जेल विभाग तथा सहकारिता विभाग के राजस्थान राज्य सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ सहकारिता की दैनिक जीवन और राजकीय कार्य व्यवहार में उपयोगिता को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 और अमृतकाल में सहकारिता आंदोलन की पुनर्कल्पना पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री, राजस्थान के पूर्व विशेषाधिकारी श्री पंकज भानु सिंह गोगावत ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 में जारी इस नीति का मुख्य उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना, तकनीक का अधिकतम उपयोग, पेपरलेस कार्य निष्पादन तथा डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सहकारी किसानों को घरेलू बाजार की सीमाओं से बाहर निकालकर वैश्विक बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल को-ऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड, नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड तथा भारत बीज सहकारी समिति लिमिटेड का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि नई सहकारिता नीति में विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर उनके द्वारा संचालित स्टार्टअप के माध्यम से नए रोजगारों का सृजन, त्वरित सेवाओं की डिलीवरी और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
राईसेम के निदेशक श्री संजय पाठक ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय का पैक्स डिजिटलीकरण अभियान भारत के सहकारिता आंदोलन को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक, पारदर्शिता और सुशासन के माध्यम से किसानों को ग्रामीण स्तर पर बेहतर सुविधाएं, मजबूत संस्थागत व्यवस्था और अधिक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
कार्यक्रम में एसएलडीबी की महाप्रबंधक श्रीमती उषा कपूर सतसंगी, चुनाव प्राधिकारी श्री इन्द्रराज मीणा, संयुक्त मुख्य अंकेक्षक श्री शिव दयाल मीणा, संयुक्त रजिस्ट्रार मार्केटिंग श्रीमती सोनल माथुर, अतिरिक्त निदेशक राईसेम श्रीमती कृति शर्मा, सहायक रजिस्ट्रार मार्केटिंग श्री सतीश सिंघल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इसी क्रम में राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड, जयपुर में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में श्री संदीप खण्डेलवाल, प्रशासक की अध्यक्षता में विशेष आमसभा आयोजित कर “सहकार संवाद दिवस” मनाया गया। निर्धारित एजेंडा के अनुसार राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड, जयपुर के प्रबंध निदेशक श्री जितेन्द्र प्रसाद ने वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए ऑडिट रिपोर्ट माननीय सदस्यों को पढ़कर सुनाई।
बैठक में आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। इनमें ऋण वितरण एवं व्यवसाय में वृद्धि, ऋण वसूली बढ़ाने और एनपीए में कमी लाने, भूमि विकास बैंकों का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण एवं ऑनलाइन कार्य व्यवस्था, ऋण लागतों में कमी तथा मानव संसाधन विकास जैसे विषय शामिल रहे। चर्चा के बाद इन प्रस्तावों को अनुमोदित करते हुए दीर्घकालीन साख संरचना के पुनरुद्धार तथा सहकारिता आंदोलन को और अधिक गति देने का संकल्प पारित किया गया।
विशेष आमसभा में माननीय राज्यपाल के प्रतिनिधि के रूप में श्री देवेन्द्र अरोड़ा, रजिस्ट्रार महोदय के प्रतिनिधि के रूप में श्रीमती ज्योति गुप्ता तथा सहकारी भूमि विकास बैंकों के अध्यक्षों में श्री कैलाश चंद्र शर्मा, श्री शीशराम नेहरा, श्री शिवचरण सैकड़ा, श्री चेतन चौधरी, श्री नेमीचंद चौधरी, श्री हेमराज चौधरी, श्रीमती पिंकी कंवर, श्री चेनसिंह राठौड़, श्री बंशीरखान, श्री रामनिवास गोदारा, श्री राजेन्द्र सिहाग, श्री कालूराम थोरी, श्री धर्मपाल सहारण, श्री मथुरेश नागदा और श्री बद्रीलाल जाट सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।