डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय ने पीएचडी सुपरवाइज़र आवेदन मांगे, 24 जुलाई तक करें आवेदन

डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर ने पीएचडी सुपरवाइज़र के लिए 24 जुलाई 2026 तक आवेदन मांगे हैं। जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारी।

Update: 2026-07-03 11:37 GMT

तस्वीर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर का मुख्य प्रवेश द्वार और उस पर लगा नाम पट्ट दिखाई दे रहा है।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 2022 के तहत पीएचडी रिसर्च सुपरवाइज़र के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। विश्वविद्यालय ने अम्बेडकर विवि से संबद्ध सभी विधि महाविद्यालयों में कार्यरत पात्र संकाय सदस्यों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने का आह्वान किया है।

जनसम्पर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कुलसचिव श्री वीरेंद्र वर्मा (आरएएस) द्वारा आदेश जारी करते हुए अम्बेडकर विवि से संबद्ध समस्त विधि महाविद्यालयों के प्राचार्यों के माध्यम से 24 जुलाई 2026 से पूर्व पीएचडी रिसर्च सुपरवाइज़र के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विश्वविद्यालय ने निर्देशित किया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रिया) अधिनियम 2022 में निहित प्रावधानों के अनुरूप अम्बेडकर विवि से संबद्ध सभी विधि महाविद्यालयों में कार्यरत योग्य संकाय सदस्यों का एक पैनल तैयार किया जाएगा। इसके लिए पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं पात्रता संबंधी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

कुलगुरु प्रो. निष्ठा जसवाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय ने शोध की गुणवत्ता को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों से पीएचडी सुपरवाइज़र के रूप में आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि अनुभवी एवं शोधोन्मुख शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से शोध कार्यों को नई दिशा और गुणवत्ता मिलेगी। विश्वविद्यालय का लक्ष्य उत्कृष्ट शोध संस्कृति का विकास करना है।

उन्होंने कहा कि पीएचडी सुपरवाइज़र के रूप में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की भागीदारी से शोधार्थियों को उच्च स्तर का शैक्षणिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा तथा गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहन मिलेगा। विश्वविद्यालय शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय संबद्ध विधि महाविद्यालयों में योग्य संकाय सदस्यों का पैनल तैयार कर शोध की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेगा।

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