एआई और डेटा आधारित लेंडिंग से ₹100 लाख करोड़ के एमएसएमई अवसर पर लेंट्रा ने की बड़ी चर्चा
जयपुर में लेंट्रा की विशेष परिचर्चा में बैंकिंग और एनबीएफसी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने एआई, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और कैश फ्लो लेंडिंग मॉडल पर विस्तार से चर्चा की। एमएसएमई क्षेत्र के लिए ₹100 लाख करोड़ के ऋण अवसर को लेकर क्या रणनीति बनी, जानिए पूरी रिपोर्ट।
तस्वीर में लेंट्रा के राउंडटेबल कार्यक्रम के दौरान बाएं से दाएं रोहित शर्मा, विजेंद्र शेखावत, चंदन अग्रवाल, बिनोद रॉय और डोमिनिक विजय कुमार मंच पर खड़े नजर आ रहे हैं।
जयपुर, 30 जुलाई 2026। डिजिटल लेंडिंग टेक्नोलॉजी की अग्रणी कंपनी लेंट्रा ने हाल ही में बैंकों और एनबीएफसी क्षेत्र के उच्च अधिकारियों को एक मंच पर लाकर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया। चर्चा का केंद्र बिंदु यह रहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और कैश फ्लो आधारित लेंडिंग मॉडल के माध्यम से देश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए ऋण उपलब्धता को किस प्रकार अधिक तेज़ और आसान बनाया जा सकता है तथा भारत के अनुमानित ₹100 लाख करोड़ के ऋण अवसर को कैसे साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता “इंटेलिजेंट एमएसएमई लेंडिंग: संपत्ति से आगे, डेटा से संचालित” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही। इस सत्र का संचालन लेंट्रा के ईवीपी एवं बिज़नेस हेड रोहित शर्मा ने किया। चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि लेंडिंग क्षेत्र अब कोलैटरल (गिरवी संपत्ति) आधारित पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर डेटा-संचालित अंडरराइटिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों ने एकमत से कहा कि एआई और वैकल्पिक डेटा स्रोत अब तेज़, अधिक सटीक और समावेशी ऋण निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राउंडटेबल चर्चा के दौरान चॉइस फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं डायरेक्टर विजेंद्र शेखावत ने कहा कि एमएसएमई लेंडिंग को अब कोलैटरल से आगे बढ़कर छोटे व्यवसायों की वास्तविक जरूरतों को समझने की दिशा में काम करना होगा और आने वाले समय की तकनीक इसमें अहम भूमिका निभाएगी।
कोगटा फाइनेंशियल के चीफ डिजिटल ऑफिसर चंदन अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल फुटप्रिंट्स ने डेटा को पहले की तुलना में अधिक सुलभ बना दिया है और जो लेंडर्स इस डेटा का सबसे तेज़ उपयोग कर पाएंगे, वही आने वाले समय में बाज़ार का नेतृत्व करेंगे।
वंडर होम फाइनेंस के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर बिनोद रॉय ने बताया कि एआई की मदद से डेटा प्रोसेसिंग तेज हुई है, मैनुअल हस्तक्षेप कम हुआ है और एमएसएमई ऋण निर्णय प्रक्रिया के टर्नअराउंड टाइम में उल्लेखनीय सुधार आया है।
नामदेव फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसिडेंट एवं टेक्नोलॉजी हेड डोमिनिक विजय कुमार ने कहा कि भले ही अभी सभी एमएसएमई डेटा डिजिटल रूप में उपलब्ध नहीं है, लेकिन विभिन्न डेटा स्रोतों को समझने और उनका प्रभावी उपयोग करने की क्षमता ही भविष्य की अंडरराइटिंग प्रक्रिया तय करेगी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लगातार परिपक्वता की ओर आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम का समापन लेंट्रा के एआई आधारित कैश फ्लो लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लाइव प्रदर्शन के साथ हुआ। इसमें प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार लेंडर्स इंटेलिजेंट क्रेडिट डिसीजनिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से एमएसएमई ऋण आवेदनों को अधिक तेज़ी से प्रोसेस कर सकते हैं। कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि एमएसएमई क्षेत्र तक ऋण की पहुंच बढ़ाना भारत की अगली आर्थिक विकास यात्रा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।