करौली जिले के हिण्डौनसिटी में आठ माह की मासूम बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए उसके पिता रामदेव जाटव (39) को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आया कि घरेलू विवाद के बाद पिता ने ही अपनी बच्ची की हत्या कर दी और खुद को बचाने के लिए अपने सगे भाई के बेटों तथा उनकी पत्नियों पर हत्या का झूठा आरोप लगा दिया।

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार संगठित अपराधियों, हार्डकोर एवं वांछित अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। महानिरीक्षक पुलिस भरतपुर रेंज डॉ. प्रीति चन्द्रा के विशेष सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक करौली श्री लोकेश सोनवाल के निर्देशन में मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई थीं। अधिकारियों ने पुलिस टीमों को त्वरित खुलासा करने के निर्देश दिए थे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिण्डौन सिटी श्री कमल कुमार के सुपरविजन तथा वृत्ताधिकारी हिण्डौन सिटी श्री गौरव सारस्वत के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी नई मण्डी हिण्डौनसिटी उपनिरीक्षक श्री प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ, स्वतंत्र गवाहों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी की भूमिका का पता लगाया।

पुलिस के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को खेड़े का पुरा, हिण्डौनसिटी निवासी रामदेव जाटव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उसने आरोप लगाया था कि सुबह करीब 8 से 9 बजे उसके बड़े भाई रामचरण के बेटे रामवीर, दीनदयाल और हीरालाल अपनी पत्नियों पूजा और प्रियंका के साथ उसके घर आए थे। आरोप के मुताबिक, सभी ने लाठी-डंडों से मारपीट की और इसी दौरान रामवीर ने उसकी आठ माह की बच्ची के सिर पर लाठी से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना नई मण्डी हिण्डौनसिटी में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया था।

जांच के दौरान घटना से एक रात पहले 27 अक्टूबर को पति-पत्नी के बीच हुए विवाद की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, घरेलू बात को लेकर रामदेव और उसकी पत्नी रेशमा के बीच झगड़ा हुआ था। नाराज होकर रेशमा बाजना फाटक की ओर ट्रेन से कटने के लिए चली गई थी। हालांकि, गांव के कुछ लोगों ने उसे समझाकर वापस घर पहुंचा दिया था।

अगले दिन सुबह भी रामदेव और रेशमा के बीच कहासुनी चल रही थी। इसी दौरान रामदेव के बड़े भाई रामचरण के बेटे रामवीर ने दोनों को झगड़ा करने से मना किया। इस बात को लेकर रामदेव और रामवीर के बीच कहासुनी और गाली-गलौच हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी विवाद से आक्रोशित होकर रामदेव ने अपने सगे भाई के बेटों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची। आरोप है कि उसने अपनी आठ माह की बच्ची को पत्थर पर पटककर उसकी हत्या कर दी और बाद में रामवीर सहित अपने भाई के परिवार के सदस्यों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवा दी।

घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ, चश्मदीद गवाहों के बयान और अनुसंधान में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को परिवादी रामदेव जाटव की भूमिका संदिग्ध मिली। उसके विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस ने शनिवार रात 8:30 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से प्रकरण के संबंध में विस्तृत अनुसंधान जारी है।

मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी उपनिरीक्षक प्रहलाद सिंह, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, परसोत्तम और कांस्टेबल हरिओम शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, प्रकरण के खुलासे में हेड कांस्टेबल राजेश कुमार की विशेष भूमिका रही। आठ माह की बच्ची की हत्या के मामले में पिता की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर प्रकरण से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जांच कर रही है।

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