भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस की रैली और राहुल गांधी के बयानों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र बचाने की नौटंकी कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन को जनता में निराशा का माहौल पैदा करने की कोशिश बताते हुए कहा कि पार्टी के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है और वह निराधार मुद्दों को राजनीतिक आंदोलन का रूप देने का प्रयास कर रही है।

जयपुर में 1 नवंबर 2026 को जारी बयान में डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि राहुल गांधी वर्ष 2024 के जिन चुनावों को अवैध बताकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं, उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि ज्ञानेश कुमार वर्ष 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे। वहीं, राहुल गांधी स्वयं वर्ष 2024 के चुनाव के आधार पर नेता प्रतिपक्ष बने हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनाव अवैध थे तो राहुल गांधी और उनके साथी सभी सांसद पिछले ढाई साल से किस आधार पर सांसद बने हुए हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि एसआईआर के बाद जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनी हैं, क्या वे भी अवैध हैं और क्या कांग्रेस उन सरकारों से इस्तीफा देगी?

डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने से पहले कांग्रेस को अपने राजनीतिक इतिहास का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आपातकाल लगाकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया था। अटल जी, आडवाणी जी सहित विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया और प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों के लिए संविधान के अनुच्छेद 356 का बार-बार दुरुपयोग करते हुए निर्वाचित सरकारों को गिराने का काम किया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1957 से 1967 तक के दशक में 18 बार और 1967 से 1971 के चार साल के कार्यकाल में 45 सरकारें गिराई गईं। करीब 1800 से अधिक विधायकों की खरीद-फरोख्त और 93 बार अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग का कांग्रेस का काला इतिहास रहा है। चतुर्वेदी ने कहा कि जिस पार्टी का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने से जुड़ा रहा है, उसका आज लोकतंत्र बचाने के नाम पर आंदोलन करना जनता को गुमराह करने जैसा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि भारत विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। मजबूत होती अर्थव्यवस्था, सुरक्षित सीमाओं और आधारभूत संरचनात्मक विकास सहित हर क्षेत्र में देश आशा और विश्वास के साथ मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। इसके विपरीत कांग्रेस निराशा का वातावरण बनाकर देश को अराजकता की ओर धकेलने का कुत्सित प्रयास कर रही है।

कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर को रैली आयोजित किए जाने पर सवाल उठाते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि यह दिन भारतीय लोकतंत्र के काले अध्यायों में से एक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दिन पूरे सिख समुदाय के नरसंहार के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे थे। ऐसे दिन रैली आयोजित करके कांग्रेस ने उस समाज के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने के नाम पर कांग्रेस जो आंदोलन कर रही है, उसे देश की जनता अच्छी तरह जानती है। इस प्रदर्शन में उठाए गए मुद्दे झूठे हैं और भीड़ को लेकर किए जा रहे दावे भी गलत हैं। चतुर्वेदी के अनुसार, कांग्रेस की रैली को राजस्थान से भी समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी इस राजनीतिक नौटंकी का जवाब आने वाले चुनावों में मिलेगा।

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