राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बूंदी में विकास कार्यों की समीक्षा, नशामुक्ति और टीबी उन्मूलन पर दिए सख्त निर्देश
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बूंदी में समीक्षा बैठक कर नशामुक्त भारत अभियान, टीबी उन्मूलन और शिक्षा सुधार को लेकर दिए अहम निर्देश।
तस्वीर में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे बूंदी कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने बुधवार, 29 जुलाई को बूंदी कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनहित के कार्यक्रमों और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय क्षय (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन राजस्थान की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राज्यपाल ने 'नशामुक्त भारत अभियान' को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इसकी शुरुआत सरकारी विभागों से ही होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी मादक पदार्थों का सेवन न करें, ताकि वे आमजन के लिए आदर्श और प्रेरणास्रोत बन सकें।
श्री बागडे ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाविद्यालयों और विद्यालयों में शिक्षक विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में नैतिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए और नियमित रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि युवा देश की असली ताकत हैं और उन्हें नशे की प्रवृत्ति से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देकर समाज में फैल रही नशे की आदत पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह अभियान केवल स्कूलों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने आमजन की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में नारी शक्ति का सहयोग लेने पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि समाज में नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा, ताकि युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
बैठक में राज्यपाल ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की पहचान जल्द से जल्द की जाए, जिससे उनका समय पर उपचार शुरू हो सके। उन्होंने टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए और अधिकारियों से 'टीबी मुक्त बूंदी' के लक्ष्य के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने डोर-टू-डोर सर्वे और स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने टीबी मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के साथ-साथ 'निक्षय मित्र' बनाकर उन्हें नियमित पोषण किट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों का संपूर्ण उपचार सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने नल जल कार्यक्रम की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ हुई इस समीक्षा बैठक में जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर विशेष बल दिया गया।
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