राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के नए भवनों का किया अनावरण, टीबी मुक्त और नशामुक्त राजस्थान का दिया आह्वान

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने लोकभवन से ऑनलाइन जुड़कर गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा के नए अकादमिक भवन, कुलगुरु आवास और स्वामी विवेकानंद प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, टीबी मुक्त और नशामुक्त राजस्थान, जनजातीय शोध तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर महत्वपूर्ण संदेश दिए।

Update: 2026-07-31 08:21 GMT

तस्वीर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे लोकभवन में एक कार्यक्रम के दौरान दस्तावेज देखते हुए नजर आ रहे हैं।

जयपुर, 31 जुलाई। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को लोकभवन से ऑनलाइन जुड़कर गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में नवनिर्मित अकादमिक भवन, कुलगुरु आवास और स्वामी विवेकानंद प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, पर्यावरण संरक्षण तथा टीबी मुक्त और नशामुक्त राजस्थान के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा जितनी गुणवत्तापूर्ण और समयानुरूप होगी, उतनी ही वह जीवन के लिए अधिक उपयोगी और सार्थक सिद्ध होगी। उन्होंने जनजातीय क्षेत्र में उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाने के लिए अधिकाधिक प्रयास किए जाने पर जोर दिया। स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका शिक्षा दर्शन विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और सर्वांगीण विकास से जुड़ा हुआ है। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राजस्थान को नशामुक्त बनाने के लिए स्थानीय लोगों से संवाद कर लगातार प्रयास करने पर बल दिया। उन्होंने टीबी मुक्त और नशामुक्त बांसवाड़ा अभियान चलाए जाने की आवश्यकता भी जताई। उन्होंने कहा कि आदिवासी जल, जंगल और जमीन के सच्चे प्रहरी होते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने विश्वविद्यालय से जनजातीय जल एवं प्रकृति संरक्षण की परंपराओं के आलोक में अधिकाधिक शोध और अनुसंधान किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इसमें ‘लोकल से ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा के अंतर्गत स्थानीय संसाधनों से विकसित तकनीक के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने आचार्यों का आह्वान किया कि वे ऐसी विद्या का प्रसार करें, जिससे विद्यार्थी स्वयं को पहचान सकें और अपने पैरों पर खड़े होने की क्षमता अपने भीतर विकसित कर सकें।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी भी ऑनलाइन जुड़े और उन्होंने नव निर्मित भवनों तथा स्वामी विवेकानंद प्रतिमा के अनावरण पर शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व कुलगुरु ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। कार्यक्रम ने जनजातीय क्षेत्र में उच्च शिक्षा, शोध, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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