अमृत भारत स्टेशन योजना: 19.68 करोड़ से बदला चूरू रेलवे स्टेशन, हवेलियां देखने आने वाले पर्यटकों को मिलेगी आधुनिक सुविधा
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 19.68 करोड़ रुपये से चूरू रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास हुआ। आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों को बड़ा लाभ मिलेगा।
राजस्थान में पुनर्विकसित चूरू रेलवे स्टेशन परिसर की मुख्य इमारत और प्लेटफॉर्म का दृश्य।
राजस्थान की प्रसिद्ध हवेलियों और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए पहचान रखने वाले चूरू तक पहुंचने वाले पर्यटकों का सफर अब अधिक सुविधाजनक होगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 19.68 करोड़ रुपये की लागत से चूरू रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है, जिससे यात्रियों और सैलानियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
चूरू अपने ऐतिहासिक किले, भव्य भित्तिचित्रों वाली हवेलियों और वन्यजीव स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष 1735 में बना चूरू किला इस बात के लिए जाना जाता है कि घेराबंदी के दौरान यहां से चांदी के गोले दागे गए थे। यहां की हवेलियां शेखावाटी शैली की बारीक चित्रकारी, सैकड़ों खिड़कियों, राजस्थानी और यूरोपीय वास्तुकला की झलक, शानदार शीशे के काम और आकर्षक पेंटिंग्स के लिए प्रसिद्ध हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार, राजस्थान की पारंपरिक हवेलियों को देखने चूरू आने वाले सैलानियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चूरू रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया गया है। इसके तहत प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, स्टेशन भवन, टिकट खिड़की, प्रतीक्षालय और सर्कुलेटिंग एरिया सहित विभिन्न सुविधाओं का उन्नयन किया गया है।
स्टेशन भवन के अनुरूप बड़े स्तर पर सुधार कार्य किए गए हैं। स्टेशन की ओर आने-जाने वाले मार्ग पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था विकसित की गई है। बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यकरण, दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग सुविधा, बुकिंग ऑफिस, रिटायरिंग रूम में सुधार तथा नए टॉयलेट ब्लॉक्स का निर्माण भी किया गया है।
स्टेशन के सौंदर्यीकरण के लिए एलईडी लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। दिव्यांगजनों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त साइनेज लगाए गए हैं। साथ ही स्टेशन की दीवारों और छतों पर स्थानीय कला एवं संस्कृति को दर्शाती आकर्षक पेंटिंग्स भी बनाई गई हैं।
यात्रियों को बेहतर सूचना उपलब्ध कराने के लिए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन डिस्प्ले बोर्ड, सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़े एलईडी स्क्रीन तथा जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक भी स्थापित किए गए हैं। स्टेशन की प्रकाश व्यवस्था और रेल संचालन को सुगम, निर्बाध एवं निरंतर बनाए रखने के लिए लगभग 18 लाख रुपये की लागत से 40 किलोवाट क्षमता का सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया गया है।
चूरू रेलवे स्टेशन पर 10.68 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट भी स्थापित की जा रही है। फुट ओवरब्रिज का 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य शीघ्रता से पूरा किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चूरू रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, आवागमन अधिक सुगम होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।