अटल भूजल योजना की 214.86 करोड़ अनुदान राशि अटकी, केंद्र से शीघ्र जारी करने की मांग
अटल भूजल योजना की 214.86 करोड़ रुपए लंबित अनुदान राशि को लेकर किसान आयोग अध्यक्ष ने केंद्र से शीघ्र जारी करने की मांग की।
तस्वीर में बाएं से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल को ज्ञापन सौंपते हुए राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी और उनके साथ एक अन्य व्यक्ति नई दिल्ली में नजर आ रहे हैं।
राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर राजस्थान के किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अटल भूजल योजना के तहत लंबित अनुदान राशि शीघ्र जारी करने की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
श्री सी.आर. चौधरी ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित अटल भूजल योजना राजस्थान के 17 जिलों के 38 ब्लॉकों में लागू की गई थी। निर्धारित अवधि से पहले योजना बंद होने के कारण किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि लंबित है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की 138.70 करोड़ रुपए तथा उद्यानिकी विभाग की 76.16 करोड़ रुपए सहित कुल 214.86 करोड़ रुपए की अनुदान राशि अभी तक जारी नहीं हो सकी है। इसके चलते हजारों किसान कार्य पूर्ण होने के बाद भी अनुदान राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से आग्रह किया कि लंबित राशि को शीघ्र जारी कर पात्र किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अनुदान राशि हस्तांतरित कराई जाए। उन्होंने बताया कि अटल भूजल योजना के तहत किसानों को फार्म पॉन्ड, सिंचाई पाइपलाइन, डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, फसल विविधीकरण के लिए मिनीकिट वितरण तथा विभिन्न उद्यानिकी गतिविधियों के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा तथा मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास भी इस संबंध में केंद्र सरकार से लंबित राशि जारी करने का अनुरोध कर चुके हैं।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस मामले पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। अटल भूजल योजना की लंबित राशि जारी होने से अनुदान का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।