वंदे भारत एक्सप्रेस ने फिर बचाई जिंदगी: अंकलेश्वर से अहमदाबाद पहुंचाया जीवंत हृदय, समय पर होगा प्रत्यारोपण
भारतीय रेलवे ने 2 अगस्त 2026 को वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से अंकलेश्वर से अहमदाबाद तक जीवंत हृदय का सफलतापूर्वक परिवहन किया। विशेष स्टॉपेज, ग्रीन कॉरिडोर और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से समयबद्ध अभियान पूरा हुआ, जिससे जीवनरक्षक प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को गति मिली।
तस्वीर में रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के पास चिकित्सा कर्मी और रेलवे अधिकारी एक बक्से के साथ नजर आ रहे हैं।
भारतीय रेलवे ने एक बार फिर मानवता की सेवा और जीवन बचाने की अपनी प्रतिबद्धता को साकार करते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से जीवंत हृदय के त्वरित परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2 अगस्त 2026 को ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए अंकलेश्वर से अहमदाबाद तक जीवंत हृदय का सफलतापूर्वक परिवहन किया गया।
इस अभियान के तहत पहली बार अंकलेश्वर रेलवे स्टेशन पर मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस को विशेष ठहराव दिया गया, जिससे जीवंत हृदय को समय पर कोच संख्या E-01 में सुरक्षित रूप से चढ़ाया जा सका। यह जीवंत हृदय अंकलेश्वर स्थित श्रीमती जयाबेन मोदी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल से अहमदाबाद लाया गया।
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा राज्य पुलिस के समन्वय से ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। इसके माध्यम से जीवंत हृदय को अत्यंत कम समय में यू.एन. मेहता हॉस्पिटल तक पहुंचाया गया।
इस हृदय का प्रत्यारोपण अहमदाबाद स्थित यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम द्वारा किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले तीन दिनों में यह दूसरा अवसर है, जब जीवंत हृदय के तेज और सुरक्षित परिवहन के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का उपयोग किया गया है। यह दर्शाता है कि भारतीय रेलवे की आधुनिक, तेज और समयबद्ध सेवाएं अब केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
हृदय प्रत्यारोपण की प्रक्रिया में अंगदान से लेकर प्रत्यारोपण तक का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। चिकित्सकीय दृष्टि से डोनर का हृदय निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रत्यारोपित किया जाना आवश्यक होता है। ऐसे में वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-स्पीड और समयबद्ध रेल सेवा डोनर अंगों के त्वरित परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मरीजों को नया जीवन देने का माध्यम बन रही है।
पश्चिम रेलवे ने इस संवेदनशील अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित अस्पतालों, राज्य पुलिस, चिकित्सकीय टीमों तथा रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच उत्कृष्ट समन्वय सुनिश्चित किया। भारतीय रेलवे ने भविष्य में भी ऐसे मानवीय और जीवनरक्षक अभियानों में हर संभव सहयोग प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।