आर.एन. सिंह की ‘बियॉन्ड द आइवी लीग’ पुस्तक का मुंबई में औपचारिक विमोचन समारोह
आर.एन. सिंह की ‘बियॉन्ड द आइवी लीग’ पुस्तक का मुंबई में विमोचन, जानिए नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण दृष्टिकोण।
तस्वीर में बाएं से दाएं पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय, महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद वसंत दाते, दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक श्री आर.एन. सिंह और मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव पुस्तक का विमोचन करते हुए नजर आ रहे हैं।
दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक श्री आर.एन. सिंह की पुस्तक ‘बियॉन्ड द आइवी लीग: ट्रेट्स, स्किल्स एंड विजडम दैट मेक ग्रेट लीडर्स’ का विमोचन 1 अगस्त 2026 को मुंबई में आयोजित समारोह में किया गया। विश्व स्तर पर प्रसिद्ध प्रकाशन संस्था साइमन एंड शूस्टर द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का विमोचन उत्कर्ष हॉल, आजाद मैदान पुलिस गेस्ट हाउस, फोर्ट, मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ।
पुस्तक का औपचारिक विमोचन महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद वसंत दाते ने किया। इस अवसर पर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पाण्डेय, मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री राजीव श्रीवास्तव, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, विशिष्ट अतिथि और आमंत्रित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
‘बियॉन्ड द आइवी लीग’ पुस्तक उन आवश्यक गुणों, निर्णय लेने की क्षमताओं और व्यावहारिक ज्ञान पर केंद्रित है, जो औपचारिक शैक्षणिक योग्यताओं से आगे बढ़कर प्रभावी और परिवर्तनकारी नेतृत्व को परिभाषित करते हैं। भारतीय रेल और वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर तीन दशकों से अधिक की अपनी सेवा के अनुभवों के आधार पर श्री आर.एन. सिंह ने इसमें रणनीतिक शासन, परियोजना प्रबंधन, संगठनात्मक उत्कृष्टता और कार्यकारी नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रस्तुत किया है।
समारोह को संबोधित करते हुए श्री आर.एन. सिंह ने कहा कि नेतृत्व तीन मूलभूत स्तंभों पर आधारित होता है और यह केवल शैक्षणिक योग्यताओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक मजबूत नींव तैयार करती है, लेकिन स्थायी नेतृत्व का निर्माण चरित्र, सत्यनिष्ठा, ज्ञान, विश्वास और दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता से होता है। अब्राहम लिंकन, नेल्सन मंडेला और महात्मा गांधी के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास के महानतम नेताओं को उन संस्थानों के कारण नहीं, जहां से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की, बल्कि उनके दृष्टिकोण, मूल्यों और समाज के प्रति प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाता है।
श्री आर.एन. सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक युवा पीढ़ी को नैतिकता, दृढ़ता और सेवा पर आधारित नेतृत्व गुणों को विकसित करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन विशेष रूप से छात्रों, उद्यमियों, सरकारी अधिकारियों, कॉर्पोरेट अधिकारियों और सार्वजनिक व व्यावसायिक जीवन में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने की आकांक्षा रखने वाले लोगों के लिए उपयोगी होगा।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद वसंत दाते ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसमें नेतृत्व को लेकर प्रस्तुत व्यावहारिक दृष्टिकोण न केवल प्रशासकों और पेशेवरों के लिए उपयोगी होगा, बल्कि तेजी से बदलती दुनिया की चुनौतियों का सामना कर रहे छात्रों और भविष्य के नेताओं के लिए भी प्रासंगिक रहेगा।
श्री आर.एन. सिंह आईआईटी रुड़की के विशिष्ट पूर्व छात्र और इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इंजीनियर्स (IRSE) के 1986 बैच के अधिकारी हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने भारतीय रेल और रेल मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों पर कार्य किया है। इनमें प्रमुख कार्यकारी निदेशक (इन्फ्रास्ट्रक्चर), सचिव, रेलवे बोर्ड, प्रबंध निदेशक, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) और मंडल रेल प्रबंधक, दिल्ली मंडल जैसे पद शामिल हैं।
उन्होंने नीति निर्माण, रणनीतिक प्रबंधन, बुनियादी ढांचे के विकास और कई ऐतिहासिक रेलवे परियोजनाओं के निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘बियॉन्ड द आइवी लीग’ सिद्धांतवादी, उद्देश्यपूर्ण और प्रभावशाली नेतृत्व की व्यावहारिक समझ विकसित करने के इच्छुक सिविल सेवकों, कॉर्पोरेट नेताओं, उद्यमियों, प्रबंधन पेशेवरों, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में प्रस्तुत की गई है।