सदर्न रेलवे के महाप्रबंधक आर.एन. सिंह की पुस्तक ‘Beyond the Ivy League’ मुंबई में हुई लोकार्पित

सदर्न रेलवे के महाप्रबंधक आर.एन. सिंह की पुस्तक ‘Beyond the Ivy League’ का 1 अगस्त 2026 को मुंबई में लोकार्पण हुआ। Simon & Schuster द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में नेतृत्व, रणनीतिक प्रबंधन और प्रशासनिक अनुभवों पर आधारित महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए गए हैं।

Update: 2026-08-03 08:33 GMT

तस्वीर में बाएं से दाएं पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पांडेय, महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद वसंत दाते, सदर्न रेलवे के महाप्रबंधक श्री आर.एन. सिंह और मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजीव श्रीवास्तव पुस्तक के विमोचन समारोह के दौरान नजर आ रहे हैं।

1 अगस्त 2026 को मुंबई के फोर्ट स्थित आज़ाद मैदान पुलिस गेस्ट हाउस के उत्कर्ष हॉल में आयोजित समारोह में सदर्न रेलवे के महाप्रबंधक श्री आर.एन. सिंह की पुस्तक ‘Beyond the Ivy League: Traits, Skills and Wisdom That Make Great Leaders’ का लोकार्पण किया गया। विश्व प्रसिद्ध प्रकाशन संस्था Simon & Schuster द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का विमोचन महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद वसंत दाते ने किया।

समारोह में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पांडेय, मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजीव श्रीवास्तव, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, विशिष्ट अतिथि तथा आमंत्रित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

‘Beyond the Ivy League’ में औपचारिक शैक्षणिक योग्यता से आगे बढ़कर परिवर्तनकारी नेतृत्व को परिभाषित करने वाले आवश्यक गुणों, निर्णय लेने की क्षमता और व्यावहारिक बुद्धिमत्ता पर प्रकाश डाला गया है। भारतीय रेलवे में तीन दशक से अधिक के विशिष्ट अनुभव तथा वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर कार्य करने के आधार पर श्री आर.एन. सिंह ने रणनीतिक प्रशासन, परियोजना प्रबंधन, संगठनात्मक उत्कृष्टता और कार्यकारी नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए श्री आर.एन. सिंह ने कहा कि नेतृत्व तीन मूलभूत स्तंभों पर आधारित होता है और यह केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मजबूत आधार अवश्य प्रदान करती है, लेकिन स्थायी नेतृत्व का निर्माण चरित्र, ईमानदारी, विवेक, आस्था और दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता से होता है। अब्राहम लिंकन, नेल्सन मंडेला और महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास के महानतम नेताओं को उनके दृष्टिकोण, मूल्यों और समाज के प्रति प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाता है, न कि उन संस्थानों के लिए जहां से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक युवा पीढ़ी को नैतिकता, धैर्य और सेवा की भावना पर आधारित नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक विशेष रूप से विद्यार्थियों, उद्यमियों, सरकारी अधिकारियों, कॉर्पोरेट अधिकारियों तथा सार्वजनिक और व्यावसायिक जीवन में अधिक जिम्मेदारियां संभालने की आकांक्षा रखने वाले सभी लोगों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद वसंत दाते ने पुस्तक की व्यावहारिक नेतृत्व दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि इसमें प्रस्तुत सिद्धांत केवल प्रशासकों और पेशेवरों के लिए ही नहीं, बल्कि तेजी से बदलती दुनिया में आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों और भावी नेताओं के लिए भी समान रूप से प्रासंगिक हैं।

श्री आर.एन. सिंह आईआईटी रुड़की के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र हैं तथा वर्ष 1986 बैच के भारतीय रेलवे सेवा इंजीनियर्स (IRSE) के अधिकारी हैं। अपने लंबे और उल्लेखनीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय रेलवे और रेल मंत्रालय में अनेक महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी पदों पर कार्य किया है। इनमें प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इन्फ्रास्ट्रक्चर), सचिव, रेलवे बोर्ड, प्रबंध निदेशक, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) तथा मंडल रेल प्रबंधक, दिल्ली मंडल जैसे प्रमुख पद शामिल हैं। उन्होंने नीतिगत निर्माण, रणनीतिक प्रबंधन, आधारभूत संरचना विकास तथा रेलवे की अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह पुस्तक सिविल सेवकों, कॉर्पोरेट नेतृत्वकर्ताओं, उद्यमियों, प्रबंधन पेशेवरों, शिक्षकों तथा उद्देश्यपूर्ण, सिद्धांत आधारित और प्रभावी नेतृत्व से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोगी मानी जा रही है।

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