भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: सार्वजनिक हित में पांच ग्रुप 'A' अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश

भारतीय रेलवे ने सार्वजनिक हित में पांच ग्रुप 'A' अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की। समीक्षा में सेवा रिकॉर्ड, APAR, सतर्कता और सत्यनिष्ठा से जुड़े पहलुओं की जांच की गई।

Update: 2026-08-01 11:49 GMT

भारतीय रेलवे ने सार्वजनिक हित में पांच ग्रुप 'A' अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश करते हुए भ्रष्टाचार, सत्यनिष्ठा की कमी और अक्षमता के प्रति अपनी शून्य सहिष्णुता की नीति को दोहराया है। रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय की समीक्षा समितियों ने भारतीय रेलवे स्थापना संहिता (Indian Railway Establishment Code), वॉल्यूम-II के नियम 1802(a), जो मूल नियम (Fundamental Rules) के नियम 56(j) के समकक्ष है, के तहत यह सिफारिश की है।

रेलवे बोर्ड की समीक्षा समितियों ने दो वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (SAG) अधिकारियों, जो भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा (IRHS) से हैं, उत्तरी रेलवे के भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग सेवा (IRSE) के एक जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (JAG) अधिकारी, उत्तरी रेलवे के भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियरिंग सेवा (IRSEE) के एक अधिकारी तथा पश्चिम रेलवे के भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के एक जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (JAG) अधिकारी की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की है।

समीक्षा समितियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों के सेवा अभिलेखों का विस्तृत मूल्यांकन किया। इस समीक्षा में वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APARs), सत्यनिष्ठा संबंधी अभिलेख, सतर्कता संबंधी इनपुट, अनुशासनात्मक इतिहास तथा अन्य संबंधित सेवा अभिलेखों की जांच की गई। इन सभी पहलुओं के परीक्षण के बाद समितियों ने संबंधित मामलों में सर्वसम्मति से सार्वजनिक हित में अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की।

भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वह भ्रष्टाचार, सत्यनिष्ठा की कमी और अक्षमता के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति का पालन करता है। सार्वजनिक सेवा में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और जवाबदेही को गैर-समझौतायोग्य बताते हुए रेलवे ने कहा कि भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत की गई ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य इन्हीं मूल्यों को बनाए रखना है।

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