सामाख्याली जंक्शन पर 46 घंटे का नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य सफल, अहमदाबाद मंडल ने बनाया संचालन का रिकॉर्ड
सामाख्याली जंक्शन पर अहमदाबाद मंडल ने 46 घंटे का नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर नया रिकॉर्ड बनाया। ब्लॉक के दौरान 162 ट्रेनों का संचालन हुआ, जबकि लॉन्ग-हॉल ट्रेनों के संचालन में भी नया कीर्तिमान बना। जानिए परियोजना से रेल संचालन पर क्या असर पड़ेगा।
तस्वीर में रेलवे ट्रैक पर काम करते हुए कर्मचारी और ट्रैक मेंटेनेंस मशीनें नजर आ रही हैं. यह तस्वीर काल्पनिक है और एआई द्वारा केवल संदर्भ के लिए बनाई गई है।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने रेल अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सामाख्याली जंक्शन पर 46 घंटे का नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 167 रूटों से जुड़े इस नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य को आज सुबह 09:00 बजे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ब्लॉक अवधि के दौरान 162 ट्रेनों का सफल संचालन किया गया, जबकि ब्लॉक शुरू होने से पहले एक ही दिन में रिकॉर्ड 30 लॉन्ग-हॉल ट्रेनों का संचालन कर निर्बाध माल परिवहन सुनिश्चित किया गया।
अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने बताया कि यह नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य सामाख्याली–वोन्ध–भचाऊ स्टेशनों के बीच दो ब्लॉक सेक्शनों में चौहरीकरण (Quadrupling) और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग परियोजना के कमीशनिंग के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य अहमदाबाद मंडल तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) की टीमों द्वारा उत्कृष्ट समन्वय, सटीक योजना और निरंतर प्रयासों के साथ निर्धारित समय सीमा में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक के प्रभाव को न्यूनतम रखने और नेटवर्क की गतिशीलता बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। 46 घंटे के नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान कुल 162 ट्रेनों का सफल संचालन कर निर्बाध माल परिवहन सुनिश्चित किया गया। नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य शुरू होने से ठीक पहले के चार दिनों में अहमदाबाद मंडल ने कुल 103 लॉन्ग-हॉल ट्रेनों का संचालन किया, जिसमें एक ही दिन में 30 लॉन्ग-हॉल ट्रेनों के संचालन का नया रिकॉर्ड भी शामिल है।
नई रेल लाइन का संचालन रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) के निरीक्षण के बाद ही शुरू किया जाएगा। वहीं, वोन्ध और सामाख्याली स्टेशनों के बीच ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली को वोन्ध स्टेशन का नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य पूरा होने के बाद चालू किया जाएगा।
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य की शुरुआत 31 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे हुई थी। 02 अगस्त 2026 को सुबह 09:15 बजे री-कनेक्शन प्राप्त हुआ। इस प्रकार कुल कार्य अवधि 45 घंटे 15 मिनट रही।
कार्य के दौरान 167 रूट, 82 सिग्नल एवं ट्रैक, 21 क्रॉसओवर तथा 03 लेवल क्रॉसिंग गेट का परीक्षण किया गया।
वर्तमान फिटनेस स्थिति के अनुसार प्वाइंट नंबर 142 (रिवर्स पोजिशन) को छोड़कर सभी गियरों को सुरक्षित एवं संचालन के लिए फिट घोषित किया गया है। लाइन नंबर 04, 06 और 07 वर्तमान में इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए अनफिट हैं। नवनिर्मित रेल लाइन का नियमित संचालन रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) के निरीक्षण और मंजूरी के बाद ही शुरू किया जाएगा।
सामाख्याली–भचाऊ रेलखंड के चौहरीकरण (Quadrupling) तथा आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली के लागू होने से इस महत्वपूर्ण माल परिवहन कॉरिडोर की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और दक्ष बनेगा तथा भविष्य में बढ़ते रेल यातायात का सुचारु संचालन संभव हो सकेगा।
मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने इस जटिल तकनीकी कार्य को निर्धारित समय सीमा में सफलतापूर्वक पूरा करने पर अहमदाबाद मंडल तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को बधाई दी।