लोनावला-करजत रेलखंड पर बहाली युद्धस्तर पर जारी, 1100 से अधिक कर्मी जुटे, एक लाइन चालू

लोनावला-करजत रेलखंड पर भूस्खलन के बाद मध्य रेलवे ने एक लाइन बहाल कर दी है। 1100 से अधिक श्रमिक और भारी मशीनरी से बहाली कार्य लगातार जारी है।

Update: 2026-07-08 10:57 GMT

तस्वीर में लोनावला-करजत रेलखंड पर भूस्खलन के बाद मध्य रेलवे के श्रमिक और जेसीबी मशीनें भारी बारिश के बीच ट्रैक से मिट्टी और मलबा हटाने का कार्य कर रहे हैं।

भारी बारिश के बीच भूस्खलन से प्रभावित लोनावला-करजत रेलखंड पर मध्य रेलवे ने युद्धस्तर पर बहाली कार्य जारी रखते हुए सेवाओं को सामान्य करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। 6 जुलाई 2026 को हुए भूस्खलन के बाद 7 जुलाई 2026 को रात 10:30 बजे एक लाइन बहाल कर दी गई, जबकि शेष दो लाइनों को चालू करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।

एक लाइन बहाल होने के बाद डाउन दिशा की पहली यात्री ट्रेन 11013 एलटीटी-कोयंबटूर एक्सप्रेस (07.07.2026) को 8 जुलाई 2026 को रात 12:45 बजे 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा के साथ रवाना किया गया। इसके बाद 11041 दादर-साईनगर शिर्डी एक्सप्रेस (07.07.2026) को रात 1:57 बजे संचालित किया गया। अप दिशा में 12702 हैदराबाद-सीएसएमटी हुसैन सागर एक्सप्रेस को 8 जुलाई 2026 को सुबह 5:09 बजे चलाया गया।

मध्य रेलवे ने बताया कि उसकी टीम लगातार भारी वर्षा, कम दृश्यता और तेज हवाओं जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच चौबीसों घंटे कार्य कर रही है। घाट सेक्शन में मूसलाधार बारिश के दौरान कठिन भूभाग पर बहाली कार्य अपने आप में बड़ी चुनौती बना हुआ है।

6 जुलाई 2026 को भारी बारिश के कारण लोनावला-करजत सेक्शन पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था, जिससे रेल परिचालन प्रभावित हुआ। इसके चलते कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, कुछ ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेशन, शॉर्ट ओरिजिनेशन, डायवर्जन तथा पुनर्निर्धारण किया गया।

मध्य रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बहाली कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर जल्द से जल्द रेल सेवाएं बहाल करने के लिए 1100 से अधिक श्रमिकों को चौबीसों घंटे लगाया गया है। बहाली कार्य में लगे कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें रेनकोट, गमबूट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। उनके ठहरने और विश्राम के लिए टेंट लगाए गए हैं तथा चाय-नाश्ते के साथ नाश्ता, दोपहर और रात्रि भोजन की भी व्यवस्था की गई है।

मलबा हटाने और ट्रैक बहाली में तेजी लाने के लिए भारी मशीनरी भी तैनात की गई है। इसमें भारी बोल्डर ले जाने के लिए एक बोल्डर स्पेशल ट्रेन और बैलेस्ट ढोने के लिए एक बैलेस्ट रेक सेवा में लगाई गई है। ट्रैक की लेवलिंग, अलाइनमेंट, बैलेस्ट टैम्पिंग और ट्रैक बहाली के लिए एक अत्याधुनिक यूनीमैट मशीन लगातार उपयोग में है। ट्रैक ज्योमेट्री में सुधार और ड्यूल स्लीपर टैम्पिंग के लिए एक डुओमैटिक मशीन भी तैनात की गई है ताकि रखरखाव कार्य शीघ्र पूरा कर नियमित रेल यातायात बहाल किया जा सके।

इसके अलावा 360 डिग्री घूमने वाली 8 पोकलेन मशीनों को बड़ी मात्रा में मिट्टी की खुदाई, भारी चट्टानों और मलबे को उठाने तथा विशेष रूप से भूस्खलन के दौरान गाद और मलबा हटाने के लिए लगाया गया है। खुदाई, उठाने, धकेलने और सामग्री ढोने के कार्य के लिए 12 जेसीबी मशीनें भी लगातार उपयोग में हैं। जहां संभव हो, कार्यस्थल तक कर्मचारियों को पहुंचाने के लिए लेबर स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।

मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर बहाली कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं और रेल सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों से ट्रेन संचालन संबंधी जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन या एनटीईएस ऐप का उपयोग करने की अपील की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से भी नियमित अपडेट जारी किए जा रहे हैं।

मध्य रेलवे ने प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न इस व्यवधान के दौरान यात्रियों से प्रशासन का सहयोग करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। यह प्रेस विज्ञप्ति 8 जुलाई 2026 को जनसंपर्क संख्या 2026/07/16 के तहत डॉ. स्वप्निल नीला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई द्वारा जारी की गई है।

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